प्रदेश सरकार सरकारी स्कूलों को निजी स्कूलों से बेहतर बनाने का प्रयास कर रही है। किन्तु विभागीय जिम्मेदार इस ओर उदासीन नजर आ रहे हैं। 2259 परिषदीय विद्यालयों में साफ पानी , शौचालय और बिजली कनेक्शन का टोटा बना हुआ है । वंही पानी और बिजली में बांदा की हालत खराब है। जबकि मिशन प्रेरणा के अंतर्गत संचालित कार्यक्रमों में ऑपरेशन कायाकल्प के तहत इन स्कूलों को 14 मूलभूत सुविधाओं से 30 सितंबर 2020 तक संतृप्त किए जाने के निर्देश दिए गए थे। निर्धारित समय सीमा के करीब पांच माह बाद भी शिक्षा के मंदिर इन सुविधाओं से वंचित हैं।
बेसिक शिक्षा के परिषदीय विद्यालयों को आपरेशन कायाकल्प के तहत बिजली,पानी, शौचालय समेत 14 मूलभूत सुविधाओं से 30 सितंबर 2020 तक संतृप्त किए जाने के निर्देश दिए गए। समीक्षा में पाया गया कि जनपद बांदा में कुल 1729 विद्यालयों के सापेक्ष 1471 विद्यालयों में शुद्ध पेयजल व्यवस्था है। 258 विद्यालयों में अभी भी पानी की समस्या। इसी प्रकार जनपद चित्रकूट में 1289 विद्यालयों के सापेक्ष 1181 विद्यालयों में पेयजल की व्यवस्था है। जनपद हमीरपुर में 969 विद्यालयों के सापेक्ष 934 विद्यालयों में पेयजल की व्यवस्था है । जनपद महोबा में 849 विद्यालयों के सापेक्ष 807 विद्यालयों में पेयजल व्यवस्था है ।मंडल में जनपद बांदा चित्रकूट की स्थिति पेयजल व्यवस्था में ठीक नहीं है ।मंडल में 48 36 विद्यालयों के सापेक्ष 43 93 विद्यालयों में पेयजल व्यवस्था है ।शेष 443 विद्यालयों में अद्यतन पेयजल व्यवस्था नहीं है।
उपनिदेशक पंचायती राज चित्रकूट धाम ,जनपद बांदा और चित्रकूट के जिला पंचायत राज अधिकारी सहायक पंचायत राज अधिकारी का स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश दिए गए हैं। मण्डलीय सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक चित्रकूट धाम मंडल सीएल चौरसिया का कहना है कि आपरेशन कायाकल्प के पैरामीटर के मुताबिक शुद्ध पेयजल की व्यवस्था कुछ स्कूलों में नही। इसका मतलब ऐसा नही की वहां पानी की व्यवस्था नहीं है। उन स्कूलों में या तो खारा पानी आ रहा है या फिर हैंडपंप लगा है। शौचालय भी कहीं कहीं अव्यवस्थित हैं। बिजली के कनेक्शन के लिए विभागीय अधिकारियों से बात हुईं है। कई कार्य तो गांवों में प्रधानी का कार्यकाल खत्म होने के कारण भी प्रभावित हुए। विगत दिनों कमिश्नर ने बैठक भी ली थी।

0 टिप्पणियाँ