पहले मुन्ना बजरंगी हत्याकांड और अब मेराज हत्याकांड, दोनों के समय मुख्तार अंसारी बांदा जेल में

पहले मुन्ना बजरंगी, अब मेराज और मुकीम की जेल में हत्या। संयोग ही है कि करीबियों की हत्याओं के समय बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी का ठिकाना बांदा मंडल कारागार ही बना। शुक्रवार को चित्रकूट जेल में दोहरे हत्याकांड के बाद बांदा मंडल कारागार के बाहर की चौकसी और बढ़ा दी गई है। 


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तीन साल के अंदर दूसरी बड़ी वारदात जेल के अंदर हुई जिसमें मुख्तार के करीबियों की हत्याएं हुईं। पहली वारदात साल 2018 में हुई थी, तब बागपत जेल में मुख्तार के बेहद करीबी गैंगस्टर प्रेम प्रकाश सिंह उर्फ मुन्ना बजरंगी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस समय मुख्तार अंसारी बांदा मंडल कारागार में ही थे। दूसरी बड़ी वारदात शुक्रवार को चित्रकूट जेल में हुई। मुख्तार के करीब मेराजुद्दीन उर्फ मेराज अहमद उर्फ मेराज भाई और मुकीम उर्फ काला की गोली मारकर हत्या कर दी गई। 

मुख्तार अंसारी दूसरी वारदात के समय भी बांदा मंडल कारागार में ही है। जेल सूत्रों के मुताबिक, चित्रकूट में फिर एक करीबी की हत्या से मुख्तार अंसारी सहम गया है। मंडल कारागार के बाहर शुक्रवार को अन्य दिनों के मुकाबले चौकसी बढ़ी नजर आई। मुख्तार को बांदा लाए जाने के हफ्तेभर तक तो कारागार के बाहर आठ सुरक्षाकर्मी तैनात रहते थे, लेकिन बाद में कभी तीन तो कभी चार जवान नजर आने लगे। चित्रकूट जेल में वारदात के बाद बांदा मंडल कारागार के बाहर चौकसी बढ़ी दिखी। चार सुरक्षाकर्मी मुख्य गेट के बाहर और चार सुरक्षाकर्मी मुख्य गेट के अंदर तैनात नजर आए।

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अब तक नहीं बनी गारद

बांदा मंडल कारागार के बाहर पहले से गारद है। मुख्तार को पंजाब से बांदा लाए जाने पर मुख्य गेट के पास सुरक्षाकर्मियों के लिए नई गारद का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। गारद अब भी पूरी तरह तैयार नहीं है। इससे सुरक्षाकर्मी निर्माणाधीन गारद के सामने गेट के किनारे पन्नी डालकर किसी तरह खुद को धूप से बचाते हैं।

स्रोत-Hindustan Hindi News

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