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Kamal Nath : "ये आग लगाने का मौका है"

मंगलवार को भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने प्रेस कांफ्रेंस की और उनके झोले से ऐसा जिन्न निकला जिसने कांग्रेस की पोल पट्टी खोल के रख दी. संबित पात्रा ने एक 06 पन्ने का डॉक्यूमेंट मीडिया के सामने रखा, इस डॉक्यूमेंट को कांग्रेस की रिसर्च टीम ने बनाया था. जिसमें लिखा था कि “कैसे आपदा को अवसर में बदला जाए.” राजनीतिक दल राजनीति तो करता ही है और करना भी चाहिए, वरना और करेंगे क्या?


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लेकिन कांग्रेस जिस तरह राजनीति के फेर में देश का बट्टा बैठाने के लिए तैयार हो जाती है वो देख कर हैरानी होती है. टूलकिट बनाने से परेशानी नहीं है लेकिन जब उस टूलकिट में भारत को बदनाम करने की बात आ जाये. राजनीति से परेशानी नहीं है लेकिन जब राजनीति में जनता को मुर्ख बनाने की बात आ जाये तो सचेत हो जाना चाहिए. इस टूलकिट में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत को बदनाम करने, गिद्धों की तरह कोरोना संक्रमितों की लाश नोचने, हिन्दुओं के सबसे बड़े समारोह कुम्भ मेला को सुनियोजित तरीके से अपमानित करने जैसी दर्जनों ऐसी बातें लिखी थीं, जिन्हें राष्ट्रद्रोह से कम नहीं माना जा सकता.

इस टूलकिट के सामने आने के बाद क्या क्या हुआ ये आपने मीडिया में देखा ही होगा. कांग्रेस ने कहा कि हमने तो बनाया ही नहीं, एफ.आई.आर. के लिए आवेदन दे दिए, फिर ट्विटर को शिकायत कर दी, अगले दिन फिर संबित पात्र सबूत लेके आ गए, फिर ऑल्ट न्यूज़ ने फैक्ट चेक कर दिया. कांग्रेस कहने लगी की भैया ये तो फर्जी है, उसके बाद निकले कमलनाथ.

कहते हैं न कोयले की दलाली में हाथ काले हो ही जाते हैं. कमलनाथ जी ने प्रेस कांफ्रेंस की और उनकी प्रेस कांफ्रेंस ध्यान से सुनने के बाद कोई अँधा व्यक्ति भी बता सकता है कि टूलकिट फर्जी थी की असली. इस प्रेस कांफ्रेंस में कमलनाथ जी ने कोरोना वायरस को ‘इंडियन वायरस’ कहा. कमलनाथ के अनुसार कोरोना का अब भारतीय वेरिएंट आ चुका है. जिससे पूरी दुनिया को खतरा है.

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इस घटना के अगले हीं दिन कमलनाथ का एक और विडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. इस विडियो में वो विडियो कॉल पर कुछ लोगों से चर्चा कर रहे हैं और इस दौरान वो कहते हैं, “ये आग लगाने का मौका है, आप तो बस आग लगाओ”.

अब क्या है कि आग लगाने के इस काम के लिए कमलनाथ को दोषी भी नहीं ठहरा सकते क्यूंकि उनके लिए तो ये नार्मल हो गया है. ये वही कमलनाथ है जिन्होंने सामने खड़े होकर 1984 में दो सिखों को जिन्दा जलवा दिया था. उन्हें तब सजा हो गयी होती तो शायद अपनी गलती का एहसास होता. अब आग लगाना, लगवाना तो कमलनाथ की स्पेशलिटी है.

कमलनाथ के इन बयानों से इतना तो सिद्ध हो गया है कि वो अभी भी मानते हैं की जनता निरा मुर्ख है. टूलकिट सामने आ चूका है, जनता को सारा षड़यंत्र पता है उसके बाद भी अपने लाइन पर हैं. क्यूंकि इन्हें भरोसा है कि जनता भूल जाती है. जब जिन्दा लोगों का जलाया जाना लोग भूल गए तो षड़यंत्र क्या चीज है.

लेकिन कमलनाथ भूल गए कि ये आज का इंडिया है, ये भूलता नहीं हिसाब करता है. कमलनाथ अपने इस बयान के बाद चारों तरफ से घिर गए हैं. ट्विटर पर सुबह से हीं #ArrestKamalnath ट्रेंड कर रहा है, अब तक हजारों की संख्या में लोग ट्वीट कर लोग कमलनाथ पर मामला दर्ज का गिरफ्तार करने की मांग कर रहे हैं.

स्रोत-विश्व संवाद केंद्र, भोपाल

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