मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि देश आज स्वतंत्रता के 75 वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। आज के दिन मुझे संविधान निर्माता डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर की प्रतिमा के अनावरण का अवसर मिला है। यह मेरा सौभाग्य है। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि सबसे पीछे और सबसे नीचे के व्यक्ति को न्याय दिलाने के लिए डॉ. अंबेडकर ने जो संघर्ष किया वह हमें आज भी प्रेरणा देता है। यह हमारी सरकार की प्राथमिकता है। सामाजिक न्याय की अवधारणा को व्यवहारिक रूप देने के लिए किए जा रहे प्रयास उन्हीं के विचारों से संभव हुए। मुख्यमंत्री चौहान स्वतंत्रता के 75वें वर्ष की पूर्णता पर नरसिंहपुर में संविधान निर्माता डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर की प्रतिमा के वर्चुअल अनावरण कार्यक्रम को निवास से संबोधित कर रहे थे। नरसिंहपुर के अंबेडकर पार्क इतवारा बाजार कंदेली में 6 फिट 5 इंच ऊंची प्रतिमा नगर पालिका द्वारा स्थापित की गई है। नरसिंहपुर में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व विधायक कैलाश जाटव उपस्थित थे।
स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के बलिदान से नई पीढ़ी को अवगत कराना आवश्यक– मुख्यमंत्री चौहान
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि डॉ. अंबेडकर द्वारा महिला शिक्षा के क्षेत्र में किए गए अथक परिश्रम और जाति प्रथा उन्मूलन के लिए उनके द्वारा किए गए संघर्ष के परिणाम स्वरूप ही वंचित वर्ग के लिए समानता का अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान तथा रोजगार सुनिश्चित हो पाया है। इस दिशा में राज्य सरकार उनके मार्ग का अनुसरण कर रही है। राज्य शासन द्वारा अनुसूचित जाति कल्याण के लिए 19 हजार 980 करोड़ के बजट का प्रावधान किया गया है। सबका उद्धार हमारा लक्ष्य है। शिक्षा और रोजगार के अवसरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य शासन हरसंभव प्रयास कर रही है।
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