ललितपुर। स्वास्थ्य विभाग में कर्मचारियों को डरा, धमकाकर वित्तीय कार्यों में कर्मचारियों से अनुचित लाभ लेने और पैसे न देने पर उनके विरुद्ध कार्रवाई कराने जैसे गंभीर आरोप जांच में सही पाए जाने पर डीएम के आदेश पर आरोपी लिपिक को निलंबित किया गया। इसके अलावा तालबेहट के चिकित्सा अधीक्षक की मिलीभगत होने पर पद से हटाए जाने की कार्रवाई की गई है।
स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत एक लिपिक का एक ऑडियो वायरल हुआ था, जिसमें लिपिक द्वारा एक महिला कर्मचारी को कार्रवाई की धमकी देकर पैसों की मांग की गई थी। मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसी मामले को भाजपा एनजीओ प्रकोष्ठ के जिला सह संयोजक संजय प्रताप सिंह तोमर ने डीएम को शिकायती पत्र दिया था। जिसमें स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ लिपिक जेपी सुडेले द्वारा दबाव डालकर पैसा लेने व मांग करने के आरोप लगाए थे। शिकायत को संज्ञान लेतेेे हुए डीएम ने इसकी जांच एडीएम न्यायिक से कराई।
इसकी जांच व बयान दर्ज कराने आई महिला कर्मचारी ने ऑडियो को सही बताया था। जांच में वरिष्ठ लिपिक द्वारा कर्मचारियों को डरा धमकाकर वित्तीय कार्यों में कर्मचारियों से अनुचित लाभ लेने, पैसे न देने पर उनके विरुद्ध कार्रवाई कराने जैसे आदि गंभीर आरोपों की पुष्टि हुई है। साथ ही संबंधित लिपिक के इस कार्य में तालबेहट के चिकित्सा अधीक्षक नितिन कंसौरिया की भी मिलीभगत होना पाई गई है। जांच में दोषी पाए जाने पर वरिष्ठ लिपिक जेपी सुडेले को निलंबित करने और चिकित्सा अधीक्षक नितिन कंसौरिया को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तालबेहट के पद से हटाए जाने की कार्रवाई की गई। साथ ही मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि डॉ. कंसौरिया को किसी भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर अधीक्षक के पद का पदभार न दिया जाए।
डीएम के आदेश पर हुई जांच में दोनों लोगों के ऊपर लगे आरोपों की पुष्टि हुई थी। इस मामले में डीएम के आदेश पर वरिष्ठ लिपिक को निलंबित कर दिया गया है और चिकित्साधीक्षक को भी पद से हटा दिया गया है।
डॉ. जीपी शुक्ला, मुख्य चिकित्सा अधिकारी

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