झांसी के अशोक, अमेरिका में रामलीला के रंग बिखेर रहे हैं


सात समंदर पार अमेरिका के विभिन्न शहरों में बुंदेलखंड की रामलीला के रंग बिखेर रहे हैं झांसी के अशोक विजयवर्गीय। करीब दो दशक पहले तक वह सदर बाजार की रामलीला में रूपसुंदरी, कैकई आदि चरित्रों को अपने अभिनय से जीवंत कर चुके हैं। वह कुछ वर्ष पूर्व सदर बाजार रामलीला की स्क्रिप्ट पर अमेरिका में रामलीला का मंचन भी कर चुके हैं।

बुंदेलखंड की रामलीलाओं के विविध रंग हैं। यही वजह है कि यहां की रामलीलाओं के कलाकार राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित नाटकों एवं रामलीला के मंचन में प्रभावी भूमिका अदा करते रहे हैं। पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर अशोक विजयवर्गीय 1999 में अमेरिका पहुंचे। इसके बाद नौकरी के साथ थियेटर भी करने लगे। इसी क्रम में उन्होंने अमेरिका के सनीवेल और फ्रे मोंट में वर्ष 2012 एवं 13 में रामलीला का मंचन किया।

इसमें उनका साथ बुंदेलखंड के उन कलाकारों ने भी दिया, जो अमेरिका में रहते हैं। उनके अनुसार इनमें बांदा के रतनजीत शामिल हैं। खास बात है इस मंचन में सदर बाजार रामलीला की स्क्रिप्ट उपयोग में लाई गई थी। मंचन में समान हिंदी भाषा के अलावा बुंदेली भाषा के भी संवाद कलाकार बोलते हैं। उनके अनुसार वर्ष 2020 में भी रामलीला मंचन की तैयारी थी। लेकिन कोरोना के कारण योजना स्थगित करनी पड़ी। मनोज विजयवर्गीय जो सदर बाजार रामलीला में रावण एवं बाणासुर का किरदार कई वर्षों तक निभाते रहे हैं, का कहना है कि उनके भाई अशोक रामलीला मंचन के अलावा अन्य विषयों पर भी नाटकों का मंचन करते रहे हैं। इनमें तुम सम पुरुष न, मो सम नारी, शेक्सपियर के अंग्रेजी नाटक का बुंदेली रूपांतरण प्रमुख हैं।

30 को ललितपुर में होगी रामायण कॉन्क्लेव

संस्कृति विभाग के तत्वावधान में सितंबर को ललितपुर में रामायण कॉन्क्लेव का भव्य आयोजन होगा। इसमें झांसी, महोबा सहित कई अन्य जिलों से रामकथा के विद्वान हिस्सा लेंगे। इसके अलावा रामकथा के विभिन्न प्रसंगों पर आधारित बुंदेली सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। प्रभारी संग्रहालय निदेशक एवं पुरातत्व अधिकारी डॉ. एसके दुबे के अनुसार सभी विद्वान श्रीराम कथा पर व्याख्यान देंगे।



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