झांसी. उत्तर प्रदेश में बुंदेलखंड (Bundelkhand) और विंध्य क्षेत्र की महिलाओं को अब मीलों दूर से पीने (Water) का पानी ढो कर नहीं लाना पड़ेगा. प्रदेश के बड़े क्षेत्र को सरकार पेयजल के सबसे बड़े संकट से बहुत जल्द निजात दिलाने जा रही है. यूपी सरकार दिसंबर से बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र के हजारों गांवों में घर-घर शुद्ध पेय जल की आपूर्ति शुरू करने जा रही है. केंद्र सरकार के सहयोग से चल रही हर घर नल योजना को तय समय से करीब 6 महीने पहले पूरा कर राज्य सरकार बुंदेलखंड और विंध्य के लाखों लोगों को नए साल से पहले सबसे बड़ा तोहफा देगी.
शुद्ध पानी मिलने से इस इलाके के लोगों को बीमारियों से तो निजात मिलेगी ही, साथ ही पानी की उपलब्धता की समस्या भी दूर हो जाएगी. अभी तक यहां के लोग दूर दराज के हैण्डपम्पों से मिलने वाले जल पर ही आश्रित थे. पिछली सरकारों इस इलाके में पानी की समस्या को दूर करने के लिये कोई ठोस योजना नहीं बनाई थी.
बुन्देलखंड क्षेत्र में जल जीवन मिशन के तहत 32 परियोजनाओं में कुल 467 पाइप पेयजल योजनाओं का निर्माण तेजी से किया जा रहा है. इनमें से 43 सतही जल आधारित योजनाएं और 424 भूजल पर आधारित हैं. इन योजनाओं से 3823 राजस्व ग्रामों के कुल 7268705 आबादी के लिये 1195265 क्रियाशील गृहजल संयोजन की व्यवस्था की जाएगी. कुल 1195265 घरों में शुद्ध पानी की आपूर्ति होगी. इन परियोजनाओं से बुंदेलखंड क्षेत्र के 7 जनपदों के 40 तहसील, 68 विकास खंड और 2608 ग्राम पंचायतों को लाभ मिलेगा.
यूपी में कुल 78 लाख नल जल कनेक्शन देगी सरकार
जल जीवन मिशन’ के तहत उत्तर प्रदेश सरकार वर्ष 2021-22 में 78 लाख नल जल कनेक्शन देगी. गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में लगभग साढ़े 97 हज़ार गावों में 2.63 करोड़ परिवार रहते हैं, जिनमें से अब तक 31.76 लाख (यानि 12%) के घरों में पीने के पानी का नल कनेक्शन उपलब्ध करा दिया गया है. पिछले वित्त वर्ष में राज्य ने 19.15 लाख नल कनेक्शन उपलब्ध कराए थे. उत्तर प्रदेश द्वारा इस वित्त वर्ष में 59 लाख, 2022-23 में 85.40 लाख और 2023-24 में 90.01 लाख नल जल कनेक्शन दिए जाने की योजना है.
इस वित्त वर्ष में अपने 5 जिलों के प्रत्येक ग्रामीण घर में नल कनेक्शन पहुंचा कर इन जिलों को ‘हर घर जल’ बना देगा तथा 60,000 गावों में जल-आपूर्ति संबंधी कार्य दिसंबर 2021 के अंत तक शुरू हो जाएंगे.
सितंबर तक 10 हज़ार अन्य गांव को हर घर जल बनाने की योजना
15 अगस्त 2019 के दिन ‘जल जीवन मिशन’ की घोषणा के बाद से इन 23 महीनों में उत्तर प्रदेश ने लगभग 26.63 लाख ग्रामीण घरों में नल जल कनेक्शन उपलब्ध कराए हैं. इसके अलावा राज्य के लगभग 3,500 गाँव ‘हर घर जल’ घोषित किए गए हैं, यानि इन गावों के हर घर में पीने का शुद्ध जल नल कनेक्शन से मिलने लगा है..
पहली योजना- झांसी की बुढ़पूरा ग्राम समूह पाइप पेयजल योजना
बुढ़पूरा ग्राम समूह पाइप पेयजल योजना, झांसी के तहत इंटेक वेल, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, सीडब्ल्यूआर और ओवरहैड टैंक जोन वाइज बन रहे हैं. 14 टंकियां बन गई हैं. माताटीला बांध से पानी लिया जाएगा. वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में पानी को शुद्ध किया जाएगा. आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर बांध से आने वाले पानी की गंदगी खत्म की जाएगी. पानी के बैक्टीरिया को खत्म करके पाइप लाइन के माध्यम से यह पानी गांव तक पाइप लाइन के माध्यम से पहुंचाया जाएगा. पाइपलाइनों को बिछाने का काम भी तेजी से किया जा रहा है.
दूसरी योजना- महोबा की लहचूरा काशीपुरा ग्राम समूह पाइप पेयजल योजना
महोबा की लहचूरा काशीपुरा ग्राम समूह पाइप पेयजल योजना का 80 फीसदी निर्माण कार्य पूरा हो चुका है. अक्टूबर से योजना के ट्रायल रन की तैयारी चल रही है. हर घर नल योजना के तहत काम पूरा होने के कगार पर है. 223 करोड़ की योजना का लाभ 44 हजार घरों को मिलेगा. जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल योजना इस समस्या से लोगों को छुटकारा दिलाएगी.
तीसरी योजना- सलईया नाथूपुरा योजना
महोबा के सलईया नाथूपुरा योजना में हर घर नल हर घर जल योजना 30 साल के लिये बनाई गई है. जिससे यहां के लोगों को शुद्ध पानी मिल सकेगा. इसके लिए अर्जुन सागर बांध पर इंटेक वेल बन रहा है. जिसका काम इस साल नवम्बर तक पूरा कर लिया जाएगा. वहीं जल निगम के जूनियर इंजीनियर कमलेश कुमार बाजपेई कहतें हैं कि चरखारी तहसील के गोरखा गांव में डब्ल्यटीपी प्लांट बनाया जा रहा है. 25 एमएलडी के इस प्लांट से अर्जुन सागर बांध से आने वाले पानी को शुद्ध किया जाएगा. आसपास के 56 ग्राम पंचायतों की 89 गांवों को हर घर नल से जल सुविधा से जोड़ा जाएगा. इन 89 गांवों में प्रत्येक परिवार को निशुल्क पानी के कनेक्शन भी दिये जाएंगे. इस योजना में लगभग 825 किमी पाइप लाइन बिछाई जा रही है. 40 ओएसटी एवं 20 सीडब्ल्यू का निर्माण किया जा रहा है.

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