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Chitrakoot News: राम की तपोस्थली चित्रकूट में लगी तुलसी प्रदर्शनी

 चित्रकूट: भगवान श्री राम की तपोस्थली चित्रकूट में प्रशासन द्वारा तुलसी प्रदर्शनी दिखाई गई है. चित्रकूट जिला प्रशासन ने तुलसी प्रदर्शनी का आयोजन कराया है. भक्त शिरोमणि तुलसीदास को अपने आराध्य यानि कि प्रभु श्री राम के दर्शन भी हुए थे. उनके जीवन के वे सर्वोत्तम और महत्तम क्षण रहे होंगे. लोक-श्रुतियों के अनुसार तुलसीदास को आराध्य के दर्शन चित्रकूट में हुए थे. आराध्य राम और लक्ष्मण को उन्होंने तिलक भी लगाया था .



चित्रकूट के घाट पै, भई संतन के भीर ।।

तुलसीदास चंदन घिसै, तिलक देत रघुबीर ।।

मूल गोसाईं चरित के अनुसार कवि के जीवन की वह पवित्रतम तिथि माघ अमावस्या (बुधवार), सं० १६०७ को बताया गया है.

सुखद अमावस मौनिया, बुध सोरह सै सात ।

जा बैठे तिसु घाट पै, विरही होतहि प्रात ।।

गोस्वामी तुलसीदास के महिमान्वित व्यक्तित्व और गरिमान्वित साधना को ज्योतित करने वाली एक और घटना का उल्लेख मूल गोसाईं चरित में किया गया है. तुलसीदास नंददास से मिलने वृंदावन पहुंचे. नंददास उन्हें कृष्ण मंदिर में ले गए. तुलसीदास अपने आराध्य के अनन्य भक्त थे. तुलसीदास राम और कृष्ण की तात्त्विक एकता स्वीकार करते हुए भी राम-रुप श्यामघन पर मोहित होने वाले चातक थे. अतः घनश्याम कृष्ण के समक्ष नतमस्तक कैसे होते. उनका भाव-विभोर कवि का कण्ठ मुखर हो उठा .

कहा कहौं छवि आज की, भले बने हो नाथ ।

तुलसी मस्तक तब नवै, जब धनुष बान लो हाथ ।।

इतिहास साक्षी दे या नहीं दे, किन्तु लोक-श्रुति साक्षी देती है कि कृष्ण की मूर्ति राम की मूर्ति में बदल गई थी

गोस्वामी तुलसीदास की प्रामाणिक रचनाएं

लगभग चार सौ वर्ष पूर्व गोस्वामी जी ने अपने काव्यों की रचना की. आधुनिक प्रकाशन-सुविधाओं से रहित उस काल में भी तुलसीदास का काव्य जन-जन तक पहुंच चुका था. यह उनके कवि रुप में लोकप्रिय होने का प्रमाण है. मानस के समान दीर्घकाय ग्रंथ को कंठाग्र करके सामान्य पढ़े लिखे लोग भी अपनी शुचिता एवं ज्ञान के लिए प्रसिद्ध हो जाने लगे थे.

रामचरितमानस गोस्वामी जी का सर्वाति लोकप्रिय ग्रंथ रहा है. तुलसीदास ने अपनी रचनाओं के सम्बन्ध में कही उल्लेख नहीं किया है.इसलिए प्रामाणिक रचनाओं के संबंध में अंतस्साक्ष्य का अभाव दिखाई देता है.नागरी प्रचारिणी सभा द्वारा प्रकाशित ग्रंथ इसप्रकार हैं .

1.रामचरितमानस

2.रामललानहछू

3.वैराग्य-संदीपनी

4बरवै रामायण

5.पार्वती-मंगल

6.जानकी-मंगल

7.रामाज्ञाप्रश्न

8.दोहावली

9.कवितावली

10. गीतावली

11.श्रीकृष्ण-गीतावली

12.विनयपत्रिका

13. सतसई

14.छंदावली रामायण

15.कुंडलिया रामायण

16.राम शलाका

17.संकट मोचन

18. करखा रामायण

19. रोला रामायण

20.झूलना

21.छप्पय रामायण

22. कवित्त रामायण

23.कलिधर्माधर्म निरुपण

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