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घुवारा बुंदेलखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल:भीमकुंड का 3.72 करोड़ होगा सौंदर्यीकरण, मंदिर का जीर्णोद्धार, कथा मंच और वाहन पार्किंग की व्यवस्था होगी

 बुंदेलखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल भीमकुंड के विकास और सौंदर्यीकरण की योजना तैयार की गई है। भीमकुंड मंदिर व क्षेत्र के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए बजट भी स्वीकृत हुआ है। क्षेत्रीय विधायक प्रद्युम्न सिंह लोधी के सहयाेग से पर्यटन विभाग के माध्यम से 3 करोड़ 72 लाख रुपए की राशि का प्रोजेक्ट स्वीकृत हो गया। स्थल का सौंदर्यीकरण और विकास कार्य मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा कराया जा रहा है।



इसके तहत डे-शेल्टर, कथा मंच, सीढ़ियां, सुरक्षा रेलिंग, रेस्ट स्टॉप, उद्यान, मंदिर का जीर्णोद्वार, वाहन पार्किंग सहित अन्य विकास कार्य कराए जा रहे हैं। पिछल दिनों विधायक प्रद्युम्न सिंह लोधी और भाजपा नेता विनोद गोटिया ने भूमिपूजन किया था। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू हो गए हैं।

बड़ामलहरा से करीब 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है भीमकुंड बुंदेलखंड के ऋषियों, मुनियों, तपस्वियों एवं साधकों की तपोस्थली रही है। इस स्थल पर अथाह जलकुंड वैज्ञानिक शोध का केंद्र भी बना हुआ है। यहां स्थित जल कुंड भू-वैज्ञानिकों के लिए भी कौतूहल का विषय है। आश्चर्य की बात तो यह है कि वैज्ञानिक इस जल कुंड में कई बार गोताखोरी करवा चुके हैं, किंतु इस जल कुंड की थाह अभी तक कोई नहीं पा सका। ऐसी मान्यता है कि 18वीं शताब्दी के अंतिम दशक में बिजावर रियासत के महाराज ने यहां पर मकर संक्रांति के दिन मेले का आयोजन करवाया था।

उस मेले की परंपरा आज भी कायम है। मेले में हर साल हजारों लोग शामिल होते हैं। यहां विष्णु-लक्ष्मीजी के मंदिर के समीप एक और प्राचीन मंदिर स्थित है। इसके ठीक विपरीत दिशा में एक पंक्ति में छोटे-छोटे 3 मंदिर बने हुए हैं, जिनमें क्रमश: लक्ष्मी-नृसिंह, राम दरबार और राधा-कृष्ण के मंदिर हैं। भीम कुंड एक ऐसा तीर्थ स्थल है, जो व्यक्ति को इस लोक और परलोक दोनों के आनंद की अनुभूति कराता है।

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