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ग्राम पंचायतों को विकसित करने पर जोर

हमीरपुर, जिले के सात विकास खंडों की 179 ग्राम पंचायतों को मॉडल बनाया जाएगा। इन ग्राम पंचायतों में विकास कार्य कराने के साथ ही बेहतर साफ-सफाई कराई जाएगी। इसके साथ ही केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं से ग्राम पंचायत के पात्रों को संतृप्त करने का काम किया जाएगा। इसके लिए जिला प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है।

 

                                    


शासन ग्राम पंचायतों को विकसित करने पर जोर दे रही है। इसके लिए पंचायत राज विभाग के माध्यम से विकास कार्य भी कराए जा रहे हैं। जिला पंचायत राज अधिकारी राजेंद्र प्रकाश ने बताया कि शासन से आए प्रस्ताव के पहले चरण वर्ष 2022-23 में जिले के सात विकासखंडों में पांच हजार से अधिक आबादी वाली 32 ग्राम पंचायतें मॉडल घोषित की गई थी। बताया कि दूसरे चरण में वर्ष 2023-24 में जिले की 147 ग्राम पंचायतें मॉडल ग्राम के लिए चयनित हुई है।

कुल 330 ग्राम पंचायतों में दो हजार आबादी की 179 ग्राम पंचायतों में सम्मिलित 244 राजस्व ग्राम चयनित हुए हैं। इनमें एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र (आरआरसी सेंटर) बनाए जा रहे हैं। जिनमें अलग अलग प्रकार के कूड़े का निस्तारण किया जाएगा। प्रत्येक ग्राम पंचायतों में कूड़ा एकत्रीकरण के लिए कूड़ा गाड़ी (ई-रिक्शा) उपलब्ध कराए जाएंगें।

इन ग्रामों में सामुदायिक खाद के गड्ढे एवं कूड़ा घर बनाए जाएंगे। ग्रामों में तरल अपशिष्ट प्रबंधन के लिए सोककिट, सिल्ट कैचर तालाबों में फ़िल्टर चेम्बर आदि का निर्माण कराया जाएगा। साथ ही ग्रामवासियों को जागरूक करने हेतु स्लोगन, वाल पेंटिंग आदि कराई जाएगी। इन सभी कार्यों के पश्चात 179 ग्रामों को ओडीएफ प्लस (मॉडल ग्राम) घोषित किया जाएगा। फिलहाल ब्लाक कुरारा में 23, सुमेरपुर में 33, मौदहा में 37, मुस्करा में 23, राठ में 19, गोहांड में 24 व सरीला ब्लाक की 31 ग्राम पंचायतें शामिल हैं।

SOURCE: BUNDELKHAND NEWS 

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