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चित्रकूट में पीएम का काफिला: 3 दिन में गड्ढे वाली सड़कों की तैयारी

चित्रकूट (Bundelkhand) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जानकीकुंड और अमोदवन के साथ कुछ अन्य स्थानों पर आने को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं, लेकिन कई प्रमुख मार्ग ऐसे हैं जिनमें गहरे गड्ढे और मिट्टी के टीले बने हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री का काफिला इन मार्ग से होकर कैसे सुरक्षित गुजरेगा इसे लेकर सुरक्षाकर्मियों ने गहरी चिंता जताई है। तीन दिन के अंदर सड़क को सही कराने के निर्देश दिए गए हैं।

Bundelkhand news


27 अक्तूबर को प्रधानमंत्री मध्यप्रदेश के चित्रकूट (Bundelkhand) स्थित जानकीकुंड में अस्पताल का शुभारंभ कर इसके संस्थापक अरविंद मफतलाल की 100वीं जयंती कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद चार पहिया वाहन के काफिले से ही रघुवीर मंदिर समेत जगदगुरु रामभद्राचार्य से मिलने अमोदवन जाएंगे। यह मार्ग जगह-जगह से टूटा है। कई जगह गिट्टी और मिट्टी के छोटे-छोटे टीले बने हैं।

इस मार्ग का वन-वे पूरी तरह से खराब पड़ा है। इतना ही नहीं हैलीपैड से जानकीकुंड अस्पताल तक पहुंचने वाला मार्ग भी कई जगह टूटा है। रघुवीर मंदिर से विद्याधाम की ओर जाने वाले मार्ग के कई पेड़ सुरक्षा की दृष्टि से काटे जा रहे हैं, लेकिन गड्ढों को भरने का कोई इंतजाम नहीं है। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को लेकर चित्रकूट (Bundelkhand) में मौजूद विशेष अधिकारियों की टीम ने कई जानकारी जुटाई। शनिवार को सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के बाद टीम ने टूटे मार्ग को जल्द बनवाने के निर्देश दिए हैं।

रूट डायवर्जन किया गया

मझगवां एसडीएम जितेंद्र वर्मा और तहसीलदार हिमांशु शुक्ला ने बताया कि पूर्व तैयारियों में सड़क और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। अभी प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का रूट तय नहीं है। ऐसे में जिस संभावित मार्ग से उनका काफिला गुजरेगा वहां की व्यवस्था तीन-चार दिन में पूरी कर ली जाएगी। सतना कलेक्टर अनुराग वर्मा ने बताया कि दौरे को लेकर पूरी ट्रैफिक व्यवस्था चेंज कर दी है। ग्रामोदय विश्वविद्यालय होते हुए रामघाट आने वाले साधनों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। उनके लिए रूट डायवर्जन किया गया है।

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