गणेश चतुर्थी 2025: दमोह से बड़ी खबर है जहां गणेश उत्सव को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ा निर्णय लिया है और इस निर्णय के तहत अब पहले जैसे मुख्य बाजारों में गणेश प्रतिमायें नहीं मिल पाएगी. ऐसे में श्रद्धालुओं को मूर्ति लेने के लिए शहर के तहसील मैदान में ही जाना होगा.
दरअसल, उत्सवों के दौरान बाजारो में होने वाली भीड़ और ट्रैफिक की समस्या को देखते हुए पिछले दिनों शांति समिति की बैठक में ये निर्णय लिया गया था. इस बार तहसील मैदान में एक बड़ा गणेश मेला लगाया जा रहा है. इसकी जिम्मेदारी नगर पालिका को दी गई है. मैदान में मूर्तियां बेंचने वाले लोगों के लिए पंडाल बनाये गए हैं. सभी प्रतिमा बनाने वाले लोग इसी मैदान में अपने स्टाल लगाएंगे और यहीं से मूर्तियों की बिक्री हो पाएगी.
क्या बोले कलेक्टर?
कलेक्टर सुधीर कोच के मुताबिक इसके लिए व्यापारियों को कोई शुल्क नही देना होगा. प्रशासन के इस आदेश के तहत आज से तहसील मैदान में स्टाल लगना भी शुरू हो गए हैं. वहीं इन स्टाल्स में प्रतिमायें भी रखी जाने लगी है. कलेक्टर ने कहा कि घंटा घर पर या दुसरी जगहों पर दुकानें अलग से ना लगाई जाएं. क्योंकि इससे ट्रैफिक जाम की स्थिति बन जाएगी.
जानिए क्यों लिया यह फैसला
गौरतलब है कि गणेश प्रतिमा शहर के घंटाघर और बाजारों में बेचने से ट्रैफिक जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है. इसको देखते हुए दमोह कलेक्टर ने यह फैसला लिया है. इसको लेकर दमोह कलेक्टर ने सभी से निवेदन किया है कि जो भी मूर्तिकार हैं जो मूर्तिया बनाते हैं. उनको हम नगर पालिका द्वारा तहसील ग्राउंड में निशुल्क जगह दे रहें है. वहां आप सभी अपनी दुकानें लगाइए. आप एक बार व्यवस्था लगाने लगेंगे तो लोग अपने आप वहां मूर्ति खरीदने आने लगेंगे.
साभार : ज़ी न्यूज़

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