ललितपुर। स्मार्ट मीटरों को लेकर बढ़ते विरोध और शिकायतों के चलते बिजली विभाग ने शहर में 160 स्मार्ट मीटरों के साथ ही चेक मीटर भी लगवाए। चेक मीटर व स्मार्ट मीटर के परीक्षण में खपत समान पाई गई। अब बिजली विभाग ने नए स्मार्ट मीटर लगाने पर पुराने मीटर को चेक मीटर के रूप में छोड़ने का निर्णय लिया है।
स्मार्ट मीटरों को लेकर उपभोक्ताओं के मन में कई सवाल हैं। उनका कहना है कि इन मीटरों के लगने से बिल कई गुना ज्यादा आता है। बुधवार को अधिशासी अभियंता वीरभद्र सत्यार्थी प्रेस कॉंफ्रेंस में बताया कि स्मार्ट मीटर में फीचर स्मार्ट हैं, जबकि यह पुराने मीटर की तरह ही काम करता है और उसी के समान बिजली की खपत बताता है। उन्होंने बताया कि शहर में 35 हजार उपभोक्ता हैं और अब तक 17,400 स्मार्ट मीटर लग चुके हैं। उपभोक्ताओं की संतुष्टि के लिए 160 मामलों में घरों पर चेक मीटर लगाए गए। अधिकारियों ने उपभोक्ताओं के सामने ही दोनों मीटरों की खपत का मिलान किया तो सभी की खपत समान पाई गई। अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से सहमति के रूप में उनसे चेक मीटर की खपत रिपोर्ट पर हस्ताक्षर भी कराए। उन्होंने बताया कि अब स्मार्ट मीटर लगने पर पुराना मीटर चेक मीटर के रूप में लगा रहेगा। उपभोक्ता के संतुष्ट होने पर ही पुराना मीटर उतारा जाएगा।
साभार : अमर उजाला

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