Chitrakoot : बाढ़ का पानी उतरा फिर भी लोग घरों में कैद, खेतों में अभी भी भरा पानी

मऊ-राजापुर(चित्रकूट)। यमुना नदी में आई बाढ़ का पानी उतर गया है, लेकिन गलियों में कीचड़ जमा होने से लोग अभी भी घरों में कैद हैं। न तो बच्चे स्कूल जा पा रहे हैं, न ही लोग खेत और काम के लिए निकल पा रहे हैं। ऐसे में लोगों के सामने परिवार का भरण पोषण करने की समस्या मुंह बाए खड़ी है। कीचड़ और गंदगी होने से मच्छरों का प्रकोप है। संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी सता रहा है। वहीं खेतों में अब तक पानी भरा होने से फसलें बर्बाद हो रही हैं।

यह दर्द मऊ व राजापुर क्षेत्र में यमुना नदी किनारे बसे उन गांव के ग्रामीणों का है जो दो माह में चार बार बाढ़ झेल चुके हैं। अब बाढ़ का पानी उतर गया। इसके बाद ग्रामीणों की समस्या कम नहीं हुई। मऊ क्षेत्र के मवई कला गांव के अंजनी त्रिपाठी कमलाकर शुक्ला, अर्पित गुप्ता, बरवार गांव के राजेश त्रिपाठी, गुलाब रामदास, विजय बहादुर निषाद, रमेश निषाद सहित मंडौर गांव के राजेश तिवारी ने बताया कि इससे पहले यमुना नदी में आई बाढ़ से खेतों में पानी भर जाने फसलें खराब हो गई थी। जो बची फसल थी इस बार बाढ़ में खराब हो गई। जबकि उनको मुआवजा नहीं मिला।

इधर राजापुर क्षेत्र में भी यमुना नदी में बाढ़ आने से रास्ते में पानी भर जाने 30 गांव प्रभावित थे। अर्की गांव के शंकर लाल, रामलाल ने बताया कि पानी तो उतर गया, लेकिन रास्ते में कीचड़ व मिट्टी जमा होने से निकलना मुश्किल है। बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। वह सब मजदूरी करते हैं, लेकिन तीन दिन से मजदूरी करने भी नहीं जा पाए। वहीं राजापुर क्षेत्र के अतरौली, देवकली, हस्ता,देवारी, चांदी, धुमाई, नैनी आदि गांव बाढ़ के कारण प्रभावित थे। यमुना नदी में पानी उतर जाने से यहां के निवासियों को राहत मिली है। ग्रामीणों का कहना है कि गंदगी से मच्छरों का प्रकोप है। संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा है।

साभार : अमर उजाला


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