Jhansi : बिजौली की जर्जर सड़कों और गुम नालों से बढ़ी लोगों की मुश्किलें

झांसी। बिजौली क्षेत्र में हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि लोगों का जीना दूभर हो गया है। जर्जर सड़कों से उठते धूल के गुबार और सफाई के अभाव में गंदगी से बजबजाते नाले-नालियां यहां की पहचान बन गए हैं। जगह-जगह फैला मलबा और बढ़ती झाड़ियां अव्यवस्था की तस्वीर को और भी डरावना बना रही हैं।

सड़क पर चलना बना चुनौती

बिजौली की प्रमुख सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे और टूटी सतह लोगों के लिए परेशानी का सबब हैं। जब भी चार पहिया वाहन गुजरते हैं तो हवा में धूल का घना गुबार फैल जाता है। इस वजह से पैदल चलना और दोपहिया वाहनों से गुजरना लोगों के लिए खतरनाक साबित हो रहा है।

झाड़ियों में गुम नाले-नालियां

पानी की निकासी के लिए बनाए गए नाले-नालियां पूरी तरह झाड़ियों में गुम हो गए हैं। सफाई न होने के कारण इनमें कचरा जमा है और बदबू फैल रही है। बरसात के समय यही नालियां जलभराव का बड़ा कारण बन जाती हैं, जिससे आसपास के लोगों को भारी दिक्कतें होती हैं।

मलबा और गंदगी का अंबार

आसपास के खाली स्थानों पर मलबा और कचरे का ढेर लगा हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं किया जा रहा।

मरम्मत का दावा, हकीकत दूर

अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही करोड़ों की लागत से सड़क और नालों की मरम्मत कराई जाएगी। साथ ही, सफाई और सौंदर्यीकरण की योजनाएं भी बनाई जा रही हैं। लेकिन स्थानीय लोगों को इन दावों पर भरोसा नहीं है। उनका कहना है कि सालों से केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं, जमीनी स्तर पर सुधार नहीं दिख रहा।

लोगों की नाराजगी

रहवासियों का कहना है कि बिजौली क्षेत्र की बदइंतज़ामी ने उनका जीवन मुश्किल कर दिया है। रोजाना धूल, गंदगी और अव्यवस्था से जूझना पड़ता है, लेकिन अफसर ध्यान नहीं दे रहे। लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही हालात नहीं सुधरे तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

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