चित्रकूट में सहालग शुरू होते ही फूलों के बाजार में जबरदस्त चहल-पहल दिखने लगी है। शादी वाले घरों से बढ़ती मांग के कारण व्यापारी प्रयागराज सहित अन्य शहरों से गुलाब और विभिन्न किस्मों के फूल खरीदकर ला रहे हैं। इन फूलों से गुलदस्ते, जयमाल और सजावट की अन्य सामग्री तैयार की जा रही है, जिससे कारोबारियों की कमाई में भी खासा इजाफा हुआ है।
साथ ही, सजावट के लिए आर्टीफिशियल फूलों का उपयोग भी लगातार बढ़ रहा है। कई पार्टियों और आयोजनों में इन्हीं फूलों से आकर्षक डेकोरेशन किया जा रहा है।
स्थानीय खेती, बाहरी बाजार से होती आपूर्ति
जिले में गेंदा, गुलाब और कुछ अन्य किस्मों की खेती तो होती है, लेकिन शादी-विवाह में इस्तेमाल होने वाले विशेष गुलाब और अन्य प्रीमियम फूल बाहर से ही मंगाए जाते हैं। सहालग के दौरान हर प्रकार के फूल की मांग काफी बढ़ जाती है, जिससे कीमतों में भी तेजी देखी जा रही है। जयमाल, सेहरा और वाहनों की सजावट में गुलाब की खपत तेजी से बढ़ी है। बड़े विवाह समारोहों में अधिकतर प्राकृतिक फूलों का इस्तेमाल हो रहा है, जबकि मध्यम बजट वाले आयोजनों में लोग आर्टीफिशियल फूलों का विकल्प चुन रहे हैं।
रामघाट के फूल व्यवसायियों को मिल रहा निरंतर लाभ
चित्रकूट के रामघाट क्षेत्र में कई युवक और महिलाएं फूलों के कारोबार से जुड़े हुए हैं। यहां आने वाले श्रद्धालु रोजाना माला और फूल खरीदते हैं। साधारण दिनों में इनकी संख्या कम रहती है, लेकिन अमावस्या और अन्य पर्वों पर बिक्री कई गुना बढ़ जाती है।
सहालग के इस मौसम ने इन व्यवसायियों को अच्छी कमाई का अवसर दिया है। बढ़ती मांग के साथ फूलों की खुशबू पूरे बाजार में महक रही है, जिससे पूरा इलाका रौनक से भर उठा है।

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