Jhansi: पराली की आग पर कसा शिकंजा: खेतों में धुआं उठते ही सक्रिय हुई पुलिस

मोंठ क्षेत्र में पराली जलाने की घटनाओं पर प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। ग्रामीण इलाकों से उठते धुएं की सूचना मिलते ही पुलिस टीमें तुरंत खेतों की ओर दौड़ीं और वहां लगी आग को बुझाया। इसी दौरान दो किसानों को हिरासत में लिया गया और कई अन्य को चेतावनी नोटिस थमाए गए। स्थानीय थाने से जुड़े अधिकारी साफ कर चुके हैं कि किसी भी हाल में खेतों में आग लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

निगरानी का दायरा हुआ बड़ा

पराली की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने जमीनी और तकनीकी दोनों स्तरों पर नजर बढ़ा दी है। गांवों के जनप्रतिनिधियों, सरकारी कर्मचारियों और बीट पर तैनात टीमों को पूरे इलाके में रुककर पहरा देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही खेतों की हर गतिविधि पर ऊपर से भी नजर रखी जा रही है, ताकि आग लगाने की कोशिश सामने आते ही तुरंत कार्रवाई संभव हो सके।

हाईवे से लेकर पगडंडियों तक पेट्रोलिंग

क्षेत्र में आने-जाने वाले रास्तों पर पुलिस की आवाजाही बढ़ा दी गई है। खेतों से सटे हाईवे और लिंक मार्गों पर लगातार गश्त चल रही है। इस दौरान कई ऐसे खेत चिह्नित किए गए हैं जहां ताज़ा पराली जलने के निशान मिले हैं। पुलिस को देखते ही कई किसान खेतों से हटकर दूसरी दिशा में चले गए, जिससे साफ है कि पराली जलाने की प्रवृत्ति अभी भी जारी है।

कड़ी चेतावनी, दो टूक नियम

स्थानीय थाने से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि पराली जलाने की हर कोशिश पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। गांवों में तैनात टीमों को आदेश दिया गया है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दी जाए और मौके पर पहुंचकर आग पर काबू किया जाए।

पर्यावरण बचाने का साझा संकल्प

प्रशासन का मानना है कि खेतों में धधकती पराली न सिर्फ मिट्टी को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि आस-पास के गांवों में हवा को भी जहरीला बनाती है। इसी वजह से इस बार कार्रवाई और निगरानी दोनों पहले से ज्यादा तेज रखी जा रही हैं। सरकार और प्रशासन उम्मीद कर रहे हैं कि किसान भी इस मुहिम में साथ दें और अपने खेतों में आग लगाने की बजाय सुरक्षित विकल्प अपनाएं।

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