टीकमगढ़ में भगवान परशुराम जयंती धूमधाम से मनाई, भव्य शोभा यात्रा ने शहर को भक्तिमय रंग में रंगा




टीकमगढ़, भगवान परशुराम की जयंती शुक्रवार को पूरे नगर में हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस पावन अवसर पर नजरबाग प्रांगण से भगवान परशुराम की एक भव्य शोभा यात्रा निकाली गई, जिसने शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। सुबह से ही नजरबाग प्रांगण में श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया था। हाथों में भगवा ध्वज लिए भक्त 'जय श्री परशुराम' के जयकारे लगा रहे थे।


झांकियां रहीं आकर्षण का केंद्र


शोभा यात्रा में भगवान परशुराम की आकर्षक झांकियां सबसे बड़ा आकर्षण रहीं। रंग-बिरंगी झांकियों में भगवान परशुराम के जीवन की विभिन्न झलकियाँ दिखाई गईं। कलाकारों ने भगवान परशुराम के वेशभूषा में सजकर अद्भुत प्रस्तुति दी। झांकियों में भगवान परशुराम का फरसे के साथ अदम्य साहस का दृश्य विशेष रूप से आकर्षक रहा।


श्रद्धालुओं की रही भारी भीड़


शोभा यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे सभी इस पुण्य कार्य में भाग लेने के लिए उत्सुक नजर आए। पूरे मार्ग में भक्ति और उल्लास का माहौल बना रहा। श्रद्धालु 'जय श्री परशुराम', 'भगवान परशुराम की जय' के नारे लगाते हुए यात्रा के साथ आगे बढ़ रहे थे। कई स्थानों पर समाजसेवियों और संगठनों ने पुष्प वर्षा करके यात्रा का भव्य स्वागत किया।



सिंधी धर्मशाला के पास पूर्व विधायक ने किया स्वागत


सिंधी धर्मशाला के पास पूर्व विधायक राकेश लक्ष्मी गिरी ने शोभा यात्रा का भव्य स्वागत किया। उन्होंने यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का आशीर्वाद लिया और भगवान परशुराम के आदर्शों पर चलने का संदेश दिया। उन्होंने कहा, "भगवान परशुराम ने हमेशा सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। हमें उनके आदर्शों को अपनाकर समाज में एकता, शांति और भाईचारे को बढ़ावा देना चाहिए।"


सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम


इस विशाल आयोजन के दौरान प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। शोभा यात्रा के मार्ग पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। सीसीटीवी कैमरों की निगरानी भी की गई। यात्रा के मार्ग में लगे अस्थाई पंडालों और जलपान स्टॉल्स पर भी प्रशासन की नजर रही।


सामाजिक संगठनों ने भी बढ़-चढ़कर लिया भाग


कार्यक्रम में शहर के गणमान्य नागरिकों, विभिन्न सामाजिक संगठनों के सदस्यों और सैकड़ों श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस अवसर पर विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं ने मिठाई वितरण और शीतल पेय की व्यवस्था भी की। स्थानीय व्यापारियों ने भी शोभा यात्रा में सहयोग किया।


अंत में निकाली गई प्रसाद वितरण की रस्म


शोभा यात्रा के समापन पर प्रसाद वितरण की रस्म भी निभाई गई। श्रद्धालुओं ने भगवान परशुराम की पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर स्थानीय कलाकारों ने भगवान परशुराम के भजनों का गायन किया, जिससे भक्तिमय माहौल और भी गहरा हो गया।


बुंदेलखंड में परशुराम जयंती की धूम


बुंदेलखंड क्षेत्र में परशुराम जयंती का विशेष महत्व है। यहाँ के लोग बड़े उत्साह के साथ यह पर्व मनाते हैं। टीकमगढ़ में यह आयोजन पिछले कई वर्षों से लगातार होता आ रहा है, लेकिन इस बार इसमें श्रद्धालुओं की संख्या रिकॉर्ड तोड़ रही। आयोजकों का कहना है कि आने वाले वर्षों में इसे और भी भव्य रूप दिया जाएगा।

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