पढ़ने की नहीं कोई उम्र: जालौन में 60 से 78 साल के बुजुर्ग फिर पहुंचे स्कूल

जालौन: उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से एक बेहद प्रेरणादायक पहल सामने आई है, जहां 60 से 78 साल की उम्र के नौ बुजुर्गों ने दोबारा स्कूल जाकर पढ़ाई शुरू की है। यह अनोखी पहल एसडीएम रिंकू सिंह राही की अगुवाई में शुरू की गई है, जिसका मकसद समाज को यह संदेश देना है कि शिक्षा के लिए कोई उम्र तय नहीं होती।

इन बुजुर्गों ने स्कूल यूनिफॉर्म पहनकर बच्चों के साथ कक्षा में बैठना शुरू किया है। उनके इस कदम ने पूरे गांव में नई ऊर्जा और उत्साह भर दिया है। लोग इसे एक मिसाल के तौर पर देख रहे हैं और शिक्षा के महत्व को लेकर जागरूकता भी बढ़ी है।

इस पहल के पीछे प्रशासन का उद्देश्य उन लोगों को भी शिक्षा से जोड़ना है जो किसी कारणवश बचपन में पढ़ाई पूरी नहीं कर पाए। अब ये बुजुर्ग नियमित रूप से स्कूल जाकर पढ़ाई कर रहे हैं और अपने सपनों को नया जीवन दे रहे हैं।

एसडीएम रिंकू सिंह राही की इस पहल की हर तरफ सराहना हो रही है। यह न सिर्फ बुजुर्गों के आत्मविश्वास को बढ़ा रही है, बल्कि युवाओं और ग्रामीण समाज को भी शिक्षा के प्रति प्रेरित कर रही है।  

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