MP में B.Ed कॉलेज घोटाला: कागजों पर 125 संस्थान, जमीन पर खाली खेत और बंद ताले

भोपाल: मध्य प्रदेश में फर्जी अस्पतालों और नियुक्तियों के बाद अब शिक्षा क्षेत्र में बड़ा घोटाला सामने आया है। भोपाल स्थित बरकतुल्लाह यूनिवर्सिटी से संबद्ध बी.एड. कॉलेजों की जांच में चौंकाने वाली हकीकत सामने आई है—कई कॉलेज सिर्फ कागजों पर संचालित हो रहे हैं, जबकि जमीन पर उनका कोई अस्तित्व नहीं है।



जांच में पता चला कि यूनिवर्सिटी के रिकॉर्ड में दर्ज कई कॉलेज या तो बंद पड़े हैं या वहां केवल खाली जमीन है। विदिशा रोड के मुगालिया कोट गांव में ‘श्री राम कॉलेज ऑफ एजुकेशन’ के नाम पर दर्ज जमीन पर कोई बिल्डिंग नहीं मिली, बल्कि वहां गाय-भैंसें चरती नजर आईं। इसी स्थान पर दो अन्य कॉलेज—मिलेनियम और बगलामुखी कॉलेज—भी कागजों में दर्ज हैं।

बरकतुल्लाह यूनिवर्सिटी से कुल 129 बी.एड. कॉलेज संबद्ध हैं, जिनमें 127 निजी हैं। जांच में कई कॉलेज अपने पते पर नहीं मिले, जबकि कई में बुनियादी सुविधाओं का अभाव पाया गया। इसके बावजूद यूनिवर्सिटी ने 24 जून को हुई बैठक में बिना फिजिकल वेरिफिकेशन के सिर्फ नोटरी एफिडेविट के आधार पर 125 निजी कॉलेजों को सशर्त मान्यता दे दी।

इस मामले ने यूनिवर्सिटी प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने भी जांच में विसंगतियों की पुष्टि करते हुए कहा कि अगर आगे की जांच में इंफ्रास्ट्रक्चर, फैकल्टी या बिल्डिंग से जुड़ी कमियां पाई जाती हैं, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, कांग्रेस ने इस पूरे मामले को उच्च शिक्षा में गहरे भ्रष्टाचार का उदाहरण बताते हुए स्वतंत्र जांच की मांग की है।

जमीनी निरीक्षण में सामने आया कि कई कॉलेज वर्षों से बंद हैं, जबकि कुछ जगह एक ही परिसर में स्कूल, कॉलेज और अन्य संस्थाएं संचालित हो रही हैं। यह स्थिति भविष्य के शिक्षकों की गुणवत्ता और शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

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