महोबा. उत्तर प्रदेश के महोबा जिले की शहर कोतवाली क्षेत्र के समदनगर मुहल्ले में वरिष्ठ अधिवक्ता (Advocate) के आत्महत्या करने के मामले में पुलिस ने तीन और गिरफ्तारियां की हैं. अधिवक्ता ने रंगदारी वसूलने से परेशान होकर आत्महत्या की थी. इस मामले में पुलिस ने रविवार को कबरई के निवर्तमान ब्लॉक प्रमुख छत्रपाल यादव और उनके भतीजे विक्रम को गिरफ्तार किया था. इसके बाद सोमवार को तीन और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. इस मामले में अधिवक्ता के बेटे शिवम ने नामजद एफआईआर दर्ज कराई थी. इसके बाद पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी थी.
गौरतलब है कि अधिवक्ता की शिकायत के 18 दिन बाद सात फरवरी को पुलिस ने छत्रपाल सहित पांच लोगों के खिलाफ जबरन धन वसूली और जान से मारने की धमकी देने का एक मामला दर्ज किया था, लेकिन किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई थी. इसी मामले में आरोपियों ने शनिवार दोपहर अधिवक्ता को एक होटल में बुलाकर समझौते का दबाव बनाया था, जिसके बाद रात में उन्होंने अपनी लाइसेंसी रायफल से गोली मारकर कथित रूप से आत्महत्या कर ली थी.
महोबा के अपर-पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र कुमार गौतम ने बताया, शहर के समदनगर मुहल्ले में वरिष्ठ अधिवक्ता मुकेश पाठक के आत्महत्या करने के मामले में आरोपी रवि सोनी, अंकित सोनी और अभय प्रताप सिंह को कोतवाली पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया. उन्होंने कहा कि दो फरार आरोपी आनन्द मोहन यादव और मनीष चौबे की गिरफ्तारी के प्रयास किये जा रहे हैं. एएसपी ने बताया कि कबरई विकास खंड के निवर्तमान ब्लॉक प्रमुख छत्रपाल यादव और उनके भतीजे विक्रम यादव को रविवार को ही गिरफ्तार किया जा चुका है|.गौतम ने बताया कि इस सिलसिले में अधिवक्ता के बेटे शिवम की शिकायत पर छत्रपाल यादव, विक्रम, आनन्द मोहन, रवि सोनी, अंकित सोनी, अभय प्रताप सिंह और मनीष चौबे के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है.

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