मुरैना पुलिस ने दो गांजा तस्करों को डेढ़ क्विंटल गांजे के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी नकली पुलिस बन कर मादक पदार्थ की तस्करी कर रहे थे। मुरैना जिले की चिन्नोनी थाना पुलिस ने डबरा से मथुरा के लिए गांजे की खेप लेकर जा रहे दो तस्करों को तिंदोखर की पुलिया से गिरफ्तार किया। तस्करी का मुख्य आरोपी उत्तरप्रदेश पुलिस के आरक्षक की वर्दी पहनकर गाड़ी चलाता था। आगे की सीट पर एक साथी को अफसर बनाकर बैठाता था, जिससे कोई चेकिंग के लिए रोक न पाए। दोनों तस्करों से साढ़े 12 लाख रुपये कीमत का सवा क्विंटल गांजा, दो महंगे मोबाइल और 21 लाख रुपये कीमत की लग्जरी गाड़ी जब्त की गई है।
चिन्नोनी थाना पुलिस ने सूचना के आधार पर स्कॉर्पियो गाड़ी को पीछा कर पकड़ा। स्कॉर्पियो में सवार एक युवक प्रदीप 33 पुत्र राजवीर जाट निवासी झझर हरियाणा यूपी पुलिस की वर्दी में था, उसने खुद को मथुरा पुलिस का सिपाही बताया, लेकिन पूछताछ में वह सकपका गया और दूसरे आरोपी ने अपना नाम सवीश 35 पुत्र सुरेश जाट निवासी जखौदा तहसील बहादुरगढ़ जिला झझर बताया। पुलिस दोनों तस्करों को पकड़कर थाने लाई और गाड़ी को चेक किया तो उसमें गांजे के 25 पार्सल रखे मिले। पार्सलों को खोलकर देखा तो उसमें गांजा रखा था, जिसका वजन एक क्विंटल 25 किलो 525 ग्राम पाया गया। बाजार में गांजे की कीमत सात लाख 50 हजार रुपये बताई गई है। तस्करों का कहना है कि बिना नंबर की नई स्कॉर्पियो मथुरा से किराए पर लेकर आए हैं। पुलिस तस्दीक कर रही है कि स्कॉर्पियो कहीं चुराई हुई तो नहीं है।
थाना प्रभारी अविनाश राठौर ने इस मामले में दोनों आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक्स एक्ट के तहत अपराधिक प्रकरण दर्ज किया है। पकड़े गए गांजा तस्करों ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह उड़ीसा के तस्करों से गाजा खरीदते हैं। इन्हीं तस्करों ने उन्हें ग्वालियर के जौरासी क्षेत्र में गांजे की सप्लाई दी। पांच लाख रुपये में खरीदे गए इस गाजे को यह तस्कर दिल्ली या मथुरा में 10 हजार रुपये किलो के भाव बेचते हैं, तस्करों ने पूछताछ में यह भी बताया कि ग्वालियर से जैसे ही निकले तो उनके पीछे पुलिस के कुछ मुखबिर लग गए, जिन्हें चकमा देने के लिए वह मुरैना से तेज रफ्तार में निकले और आगरा जाने की बजाय सिकरौदा नहर रास्ते से देवगढ़ चित्रीनी की तरफ गाड़ी मोड़ दी। ग्वालियर के पास जौरासी में इन्हें गांजे की सप्लाई की थी।
साभार- अमर उजाला

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