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चित्रकूट मंडल कमिश्नर के सख्त तेवर, इन19 पुलों में 1 अप्रैल तक आवागमन शुरू न हुआ तो PWD की खैर नहीं

 बांदा, चित्रकूट धाम मंडल के 3 जनपदों में 23 पुलों का निर्माण चल रहा था। इनमें से अभी तक सिर्फ चार पुलों का काम पूरा हो पाया है। शेष अधूरे हैं, इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए चित्रकूट धाम मंडल के आयुक्त आरपी सिंह ने पीडब्ल्यूडी को फटकार लगाते हुए कहा कि निर्माणाधीन से पुलों का काम हर हाल में 31 मार्च तक पूरा कर लिया जाए। इनमें 1 अप्रैल से आवागमन शुरू नहीं हुआ तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। आयुक्त मंगलवार को मयूर भवन सभागार में मासिक कार्यों की समीक्षा कर रहे थे।



लोक निर्माण विभाग के तहत नई सड़कों का निर्माण/चौड़ीकरण एवं सुन्दरीकरण की जानकारी प्राप्त करते हुए पीडब्लूडी के एमडी को निर्देशित किया कि जिन जनपदों का कार्य प्रगति पर है उन्हें अभियान चलाकर मार्च तक हर हाल में पूर्ण कराया जाए और चारों जनपदों मे जो कार्य पूर्ण हो चुकें हैं उन्हें एक सप्ताह के अंदर सभी जिलाधिकारियों को उनकी सूची उपलब्ध करा दी जाए। सेतुओं की समीक्षा करते हुए मण्डल में कितने सेतुओं का निर्माण हो रहा है की जानकारी चाही गयी, जिसमें अवगत कराया गया कि बांदा में 7, चित्रकूट में 12, हमीरपुर में 4 सेतुओं का निर्माण हो रहा है। जिनमें अवगत कराया गया कि बांदा में 2 सेतुओं का पूर्ण हो चुका है, चित्रकूट में 1 तथा हमीरपुर में 1 का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है तथा शेष सेतुओं का कार्य प्रगति पर है। आयुक्त द्वारा नाराजगी व्यक्त करते हुए नोडल/लोक निर्माण विभाग को निर्देशित किया कि सभी सेतुओं का निर्माण टाइम लाइन के अनुसार पूर्ण कराया जाए, यदि 1 अप्रैल तक आवागमन नही शुरू हुआ तो सम्बन्धित के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी। 

आयुक्त ने मण्डल के चारों जनपदों में स्थानीय स्तर पर सरकारी विभागों में विद्युत बिलों की पेन्डेन्सी की समीक्षा करते हुए अधीक्षण अभियंता विद्युत को निर्देश दिये कि अभियान चलाकर विद्युत देयकों की वसूली करायी जाए, यदि कोई विभाग कॉपरेट न करें तो उनका विद्युत कनेक्शन डिसकनेक्ट कर दिया जाए। मुख्यमंत्री निराश्रित गौवंश सहभागिता योजना के अन्तर्गत लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति कम पायी गयी जिसकों पूर्ण करने के निर्देश दिये। पंचायती राज विभाग की समीक्षा करते हुए उप निदेशक पंचायती राज संजय यादव को निर्देशित किया कि ऑपरेशन कायाकल्प के अन्तर्गत जो कार्य अभी पूर्ण नही हुए हैं, उन्हें शीघ्र पूर्ण कराया जाए। खाद्य सुरक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान सहायक आयुक्त (खाद्य) के बिना अनुमति के मुख्यालय से बाहर होने पर समीक्षा नही की जा सकी। खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा जानकारी न दिये जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए शासन को दण्डात्मक कार्यवाही किये जाने को डी.ओ. लेटर लिखने के निर्देश दिये गये। 

बैठक में जिलाधिकारी बांदा श्रीमती दीपा रंजन, जिलाधिकारी चित्रकूट अभिषेक आनंद, जिलाधिकारी हमीरपुर डॉ. चन्द्रिका प्रसाद, जिलाधिकारी महोबा  मनोज सिंह चौहान, मुख्य विकास अधिकारी बांदा वेद प्रकाश मौर्य, मुख्य विकास अधिकारी चित्रकूट सुश्री अमृत पाल कौर, मुख्य विकास अधिकारी महोबा चित्रसेन सिह, मुख्य विकास अधिकारी हमीरपुर मथुरा प्रसाद, अपर आयुक्त प्रशासन  अमर पाल सिंह, संयुक्त विकास आयुक्त  अनिल कुमार सहित सम्बन्धित मण्डलीय अधिकारी तथा जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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