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झांसी में मीथेन गैस कैसे बनाई जाएगी?

झांसी। झांसी में नालों में बहने वाले गंदे पानी से अब मीथेन गैस बनाई जाएगी। इसके लिए महाराष्ट्र की कंपनी यहां 45 करोड़ रुपये की लागत से प्लांट लगाने जा रही है। इसके लिए नगर निगम क्षेत्र में जमीन चिह्नित की जा रही है।

                             

नालों में बहने वाले गंदे पानी में 60 से 70 प्रतिशत मीथेन गैस होती है। इस गैस का उपयोग ईंधन के रूप में किया जाता है। यह गैस अन्य ईंधन की तुलना में सस्ती और पर्यावरण अनुकूल होती है। झांसी में बहने वाले नालों के गंदे पानी से अब मीथेन गैस बनाई जाएगी। इसके लिए महाराष्ट्र की कंपनी एस-3 फ्यूल प्राइवेट लिमिटेड यहां 45 करोड़ रुपये की लागत से प्लांट लगाने जा रही है। यह प्लांट नगर निगम क्षेत्र में लगाया जाएगा। कंपनी यहां बनने वाली गैस की आपूर्ति इंडियन ऑयल कार्पोरेशन लिमिटेड (आईओसी) को करेगी। इसके लिए कंपनी का आईओसी से करार हो चुका है। कंपनी की जमीन तय होने के बाद सितंबर माह मेें प्लांट के निर्माण का काम शुरू करने की तैयारी है।


एमओयू को धरातल पर उतारेंगे उद्यमी मित्र

झांसी। झांसी में निवेश के लिए 270 एमओयू साइन हो चुके हैं, जिसके जरिये उद्यमी दो हजार करोड़ से अधिक का यहां निवेश करने जा रहे हैं। निवेशकों को उद्यम स्थापित करने में किसी तरह की असुविधा न हो और प्रशासन व सभी संबंधित महकमों से उनका समन्वय बना रहे, इसके लिए यहां उद्यमी मित्र की तैनाती होगी। एमबीए प्रोफेशनल उद्यमी मित्र निवेशकों को सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे। इनका चयन किया जा चुका है और लखनऊ में प्रशिक्षण भी पूरा हो चुका है। अगले सप्ताह यह अपना पदभार संभाल लेंगे। ब्यूरो

महाराष्ट्र की कंपनी एस-3 फ्यूल प्राइवेट लिमिटेड यहां मीथेन गैस उत्पादन का प्लांट स्थापित करने जा रही है। कंपनी यहां नालों के गंदे पानी से गैस का उत्पादन करेगी। इकाई की स्थापना के लिए जल्द नगर निगम क्षेत्र में जमीन चिह्नित कर ली जाएगी। - मनीष चौधरी, उपायुक्त उद्योग.

Source : Amar Ujala 

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