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श्री रामचंद्र पथ गमन न्यास की पहली बैठक चित्रकूट में आज, सीएम डॉ. मोहन करेंगे अध्यक्षता

मध्य प्रदेश में श्री रामंचद्र पथ गमन न्यास की पहली बैठक चित्रकूट में मंगलवार को होगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में होगी।

 
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मध्य प्रदेश के चित्रकुट में श्री रामचंद्र पथ गमन न्यास की पहली बैठक मंगलवार को चित्रकूट में होगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बैठक चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय परिसर में डेढ़ बजे से होगी। बैठक में एसीएस होम राजेश राजौरा, संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव संस्कृति एवं पर्यटन शिव शेखर शुक्ला, प्रमुख सचिव राजस्व विभाग, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव सुखबीर सिंह, नगरीय प्रशासन विभाग के आयुक्त भरत यादव, पर्यटन विकास निगम के एमडी इलैया राजा टी, मध्य प्रदेश पंचायत विभाग के संचालक, सतना के कमिश्नर और कलेक्टर बैठक में मौजूद रहेंगे। इसके अलावा चार संभाग और 7 जिलों के कलेक्टर वीसी के माध्यम से जुड़ेंगे। 

बैठक का एजेंडा में संबंधित कामों के साथ ही घाटों के विकास कार्यों की डीपीआर पर प्रजेंटेंशन, गुरुकुल प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना के प्रस्ताव का भी प्रस्तुतिकरण होगा। बैठक में कामदगिरी परिक्रमा पथ, बृहस्पति कुंड, पवित्र मंदाकिनी नदी के घाटों का विकास कार्य शामिल है। बैठक में कामों को लेकर सुझाव और आगामी योजना पर मंथन और राम वन गमन पथ का रोडमैप तैयार होगा। 

न्यास के यह है काम 

न्यास का काम केंद्र सरकार की तरफ से प्रदेश में चिह्नित श्री रामवन गमन पथ के पांच संभागों के आठ जिलों के 23 स्थलों का विकास करना रहेगा। उनके जोड़ने वाले रास्ते को सुगम और सुविधाजनक बनाना। वहां पर पर्यटन की गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए यात्री सुविधाओं का विकास करना और उनका संचालन करना।

प्रदेश में यह स्थल चिह्नित

मध्य प्रदेश में राम वन गमन पथ चित्रकूट से अमरकंटक तक 370 किलोमीटर है। यहां भगवान राम वनवास के दौरान 11 साल 11 महीने और 11 दिन का समय गुजारा। वज जिस रास्ते से गुजरे उसे राम वन गमन पथ कहा जाता है। प्रदेश में सतना, पन्ना, कटनी, जबलपुर, नर्मदापुरम, उमरिया, शहडोल और अनूपपुर जिले के स्थलों को चिह्नित किया गया है। इसमें स्फटिक शिला, गुप्त गोदावरी, अत्रि आश्रम, शरभंग आश्रम, अश्वमुनि आश्रम, सुतीक्ष्ण आश्रम, सिद्धा पहाड़, सीता रसोई, रामसेल, राम जानकी मंदिर, बृहस्पति कुंड, अग्निजिह्ना आश्रम, अगस्त्य आश्रम, शिव मंदिर, रामघाट, श्रीराम मंदिर, मार्कंडेय आश्रम, दशरथ घाट, सीता मढ़ी शामिल है।

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