पानी की आवक बढ़ने पर शनिवार देर रात भावनी और कचनौंदा बांध के गेट खोले गए। भावनी से 5089 क्यूसेक और कचनौंदा से 4769 क्यूसेक पानी की निकासी की गई। जलस्तर निर्धारित होने के बाद रविवार को गेटों को बंद कर दिया गया।
शनिवार को भावनी और कचनाैंदा बांध के कैचमेंट एरिया में झमाझम बारिश हुई। नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया और ये उफना कर बहने लगे। भावनी बांध के भराव क्षेत्र में पानी की आवक से जलस्तर निर्धारित से अधिक पहुंचने लगा। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बांध के गेट खोलकर अतिरिक्त पानी की निकासी करने के आदेश दिए। देर रात भावनी बांध के पांच गेट एक-एक फीट खोलकर 5089 क्यूसेक पानी छोड़ा जाने लगा। कचनौंदा बांध के भी तीन गेट खोलकर 4769 क्यूसेक पानी की निकासी की जाने लगी। बांधों के गेट खोले जाने से पूर्व सिंचाई विभाग ने निचले इलाकों में लोगों से नदी किनारे न जाने की अपील की।
वहीं, रविवार को भी राजघाट बांध के तीन गेट खोलकर 20241 क्यूसेक और माताटीला बांध के छह गेट खोलकर 14538 क्यूसेक अतिरिक्त पानी की निकासी की गई। वहीं रविवार को भावनी और कचनौंदा बांध का जलस्तर निर्धारित होने के बाद गेटों को बंद कर दिया गया। नोडल/अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड भूपेश सुहेरा ने बताया कि जलस्तर निर्धारित होने पर गेटों को बंद कर दिया गया।
साभार : अमर उजाला

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