यूपी के इस मंदिर में भगवान शिव ने की थी तपस्या, जानें वजह


कालिंजर का नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर, उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में स्थित एक प्रसिद्ध शिव मंदिर है, जो ऐतिहासिक कालिंजर किले के भीतर लगभग 800 फीट ऊँची पहाड़ी पर स्थित है। यह मंदिर केवल शिवभक्तों की आस्था का केंद्र है, बल्कि बुंदेलखंड के ऐतिहासिक गौरव और स्थापत्य कला का प्रतीक भी है। मान्यता है कि समुद्र मंथन के दौरान निकले विष को भगवान शिव ने पिया था, जिससे उनका गला नीला हो गया और वे नीलकंठ कहलाए। कहा जाता है कि विष के प्रभाव को शांत करने के लिए भगवान शिव ने यहीं तपस्या की थी। प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक महत्व और धार्मिक आस्था के कारण यह मंदिर पर्यटकों और श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। वर्तमान में यह स्थल भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा संरक्षित है।

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