महोबा। वीर आल्हा-ऊदल की नगरी महोबा में आयोजित होने वाले उत्तर भारत के सबसे पुराने ऐतिहासिक कजली मेले को राजकीय मेला घोषित किए जाने की मांग शुरू हो गई है।
अखिल भारतीय साहित्य परिषद के सचिव अरघटमऊ गांव निवासी जय सिंह ने सीएम को भेजे पत्र में कहा कि महोबा में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। महोबा का संपूर्ण इतिहास आल्हा-ऊदल व ताला सैय्यद समेत अन्य वीरों की वीरता से भरा हुआ है। कजली मेला देखने के लिए देश के विभिन्न प्रांतों से लोग आते हैं। सुविधाओं की कमी के चलते बाहर से आने वाले मेला प्रेमी यहां अधिक दिन नहीं रहे पाते। ऐसे में मेले में सुविधाएं बढ़ाई जाएं और कजली मेले को राजकीय मेला घोषित किया जाए।
साभार : अमर उजाला

0 टिप्पणियाँ