ललितपुर। हरितालिका तीज का पर्व मंगलवार को श्रद्धा व भक्ति के साथ मनाया गया। मंदिरों व घरों में झांकियां सजाई गईं। महिलाओं ने निर्जला व्रत रखकर पति की लंबी आयु की कामना की।
मंदिरों व घरों में भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा के लिए आकर्षक झांकियां सजाई गईं। शहर के जगदीश मंदिर, रामराजा मंदिर, बड़ापुरा स्थित शंकरजी मंदिर, सरदारपुरा स्थित गुप्तेश्वर मंदिर, मदनमोहनजी मंदिर, महावीरपुरा स्थित देवी मंदिर, रावरपुरा स्थित मुरलीमनोहर मंदिर आदि में हरितालिका तीज की झांकियां सजाई गईं और पुजारियों ने विधि विधान से पूजन अर्चन कर हवन कराया। यह व्रत भगवान शिव और माता पार्वती के अटूट प्रेम और समर्पण का प्रतीक माना गया है। इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं और माता पार्वती व भगवान शिव की पूजा करती हैं, ताकि उन्हें अखंड सुहाग का आशीर्वाद मिल सके। हरतालिका तीज का व्रत तब तक अधूरा माना जाता है, जब तक इसकी व्रत कथा पूरी न सुन ली जाए। इसके लिए अधिकांश घरों में भी हरितालिका तीज की झांकियां सजाई गईं। झांकियों को नई साड़ियों व केला के पत्तों से सजाते हुए आकर्षक लाइटिंग भी की गई। इसके साथ ही माता शिव पार्वती की फोटो को भी विराजित किया गया। साथ ही भगवान शिव और माता पार्वती की मूर्तियों के साथ ही बालू के शिवलिंग की स्थापना की गई। इन मूर्तियों के साथ ही पूजा की थाली में रोली, चंदन, धतूरा, बेलपत्र, फूल, फल और शृंगार की वस्तुएं रखकर पूजन किया गया। साथ ही मैदा व बेसन के कई तरह के पकवान व हलुआ भी बनाया गया। यह पूजन सामग्री भगवान को श्रद्धा के साथ अर्पित की गई। वहीं, रातभर महिलाओं ने हरितालिका तीज का पूजन के साथ ही भजन-कीर्तन किया।
साभार : अमर उजाला

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