Banda : धान में लग रहा खैरा रोग, बीज भंडारों से नदारद जिंक

अतर्रा। राजकीय कृषि फार्म एवं सहकारी समितियों में जिंक व खाद न मिलने से किसान परेशान हैं। खेती के लिए वह बाजार पर निर्भर हैं, जहां से उन्हें महंगे दामों में जिंक व कीटनाशक खरीदनी पड़ता है।

क्षेत्र के अतर्रा ग्रामीण, आऊ, पुनाहुर, अनथुआ, तेंदुही सहित अन्य गांवों में धान की पत्तियों में कत्थई रंग के धब्बे पड़ने लगे हैं। किसानों का कहना है कि यह खैरा रोग की पहचान है। धान में यह रोग तेजी से फैल रहा है। कहा कि जिंक की कमी से यह रोग फैलता है, लेकिन सहकारी समितियों के बीज भंडारों में जिंक नहीं मिल रहा।

किसान शंभू धतुरहा, सुधीर, राजाभईया, रज्जन चौरिहा आदि ने बताया कि शुरुआत में यह रोग खेत के एक कोने से दिखता है, लेकिन धीरे-धीरे यह पूरी फसल को अपनी चपेट में ले लेता है। कहा कि बीज भंडारों में सब्सिडी पर मिलने वाली जिंक नदारद है। किसानों को बाजार से महंगे दामों पर जिंक व कीटनाशक खरीदना पड़ रहा है।इससे किसानों में नाराजगी है। वहीं कृषि फार्म अधीक्षक तुलाराम यादव ने बताया कि जिंक की कमी से धान में खैरा रोग फैलता है। यूरिया के साथ जिंक सल्फेट मिलाकर छिड़काव करने से पौधे स्वस्थ हो सकते हैं।

साभार : अमर उजाला


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