नवरात्रि का लोक रंग, नौरता



नौरता बुंदेलखंड क्षेत्र की एक खास लोक चित्रकला है, जो नवरात्रि के समय अविवाहित कन्याओं द्वारा गेरू और अन्य प्राकृतिक रंगों से घर के बाहर दालान या किसी विशेष स्थान पर बनाई जाती है। यह चित्रकला देवी-देवताओं की आकृतियों, सूर्य, चंद्रमा, सुअटा (एक राक्षस का प्रतीक) और रंग-बिरंगी रेखाओं से सजाई जाती है। इसे विवाह के लिए अच्छे जीवनसाथी की कामना से प्रेरित होकर तैयार किया जाता है। आश्विन नवरात्रि के दौरान नौ दिनों तक अलग-अलग ढंग से चौक और चित्र बनाए जाते हैं, जिसमें गीत-संगीत, नृत्य और मूर्तिकला का भी समावेश होता है। नौरता केवल कला नहीं, बल्कि लोक संस्कृति, आस्था और सामाजिक परंपराओं का जीवंत उदाहरण है।

अधिक जानकारी के लिए विज़िट करें: Bundelkhand24x7


एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ