Chhatarpur: केन-बेतवा लिंक परियोजना : छतरपुर में 49 गांवों से होकर निकलेगी 13 मीटर चौड़ी, 212 किलोमीटर लंबी लिंक नहर

देश की महत्वाकांक्षी केन-बेतवा लिंक परियोजना में नहर निर्माण की कवायद शुरू होने जा रही है। मुख्य बांध ढोढन के निर्माण के लिए 3900 करोड़ रुपए लागत से काम किया जा रहा है। इसके साथ ही बेतवा नदी तक पानी पहुंचाने वाली 212 किलोमीटर लंबी लिंक नहर के निर्माण की कवायद भी शुरू हो गई है। अधिग्रहण के लिए धारा 19 का प्रकाशन करने की तैयारी चल रही है। इस नहर के माध्यम से मुख्य बांध में संग्रहित पानी बेतवा नदी तक जाएगा, जिससे मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में सिंचाई की व्यवस्था मजबूत होगी।

यह होगी नहर की चौड़ाई और मार्ग

केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट के तहत केन नदी पर बनने वाले ढोढन बांध और बेतवा नदी तक लिंक नहर का निर्माण केबीएलपीए (केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट अथॉरिटी) करेगी। नहर की शुरुआत में चौड़ाई 13.2 मीटर होगी, जबकि बेतवा नदी के पास यह घटकर 10 मीटर हो जाएगी। नहर से छोटे-छोटे माइनर नहर बनाए जाएंगे, जो खेतों तक पानी पहुंचाएंगे। मुख्य नहर में 11 पंप स्टेशन बनाए जाएंगे। इनमें से 5 पंप स्टेशन छतरपुर जिले में, एक-एक टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में और शेष 3 पंप स्टेशन उत्तर प्रदेश के हिस्से में स्थापित किए जाएंगे।

भूस्वामियों की सूचियों का होगा प्रकाशन

लिंक नहर का मार्ग ढोढन बांध (केन नदी) से शुरू होकर बरुआ सागर (बेतवा नदी) तक जाएगा। यह नहर छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और उत्तर प्रदेश के झांसी जिले की सीमा से होकर गुजरेगी। सबसे लंबा हिस्सा छतरपुर जिले में बनाया जाएगा, जो जिले के 49 गांवों से होकर जाएगा। नहर निर्माण के लिए 165 हेक्टेयर निजी और 1134 हेक्टेयर सरकारी भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है। अधिग्रहण भूमि अधिग्रहण अधिनियम के तहत किया जा रहा है। छतरपुर जिला प्रशासन ने नहर निर्माण के लिए धारा 11ए के तहत अधिसूचना जारी कर दी है। अब अगले चरण में धारा 19 के तहत भूस्वामियों के नाम के साथ सूचियों का प्रकाशन किया जाएगा।

3.50 लाख हेक्टेयर में सिंचाई का लक्ष्य

छतरपुर जिले में इस लिंक नहर से लगभग 3.50 लाख हेक्टेयर जमीन की सिंचाई का लक्ष्य रखा गया है। प्रोजेक्ट के कार्यपालन यंत्री निर्मल चंद जैन ने बताया कि जिले में 5 पंप हाउस स्थापित किए जाएंगे। इन पंप हाउस से राजनगर, छतरपुर, नौगांव, बिजावर और बड़ामलहरा विकासखंड में नहरों का जाल बिछाकर सिंचाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में सर्वे के आधार पर डीपीआर (डिज़ाइन प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार की जा रही है।केबीएलपीए के ईई आशीष कुशवाह ने कहा कि परियोजना में मुख्य नहर का निर्माण झांसी कार्यालय से प्रबंधित किया जाएगा। भूमि अधिग्रहण के लिए आवश्यक दस्तावेज जमा कराए जा रहे हैं। धारा 19 के प्रकाशन और भूमि अधिग्रहण के बाद निर्माण के लिए टेंडर जारी किए जाएंगे।


साभार : पत्रिका

 

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