उरई। जिले की मतदाता सूची में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के माध्यम से किए गए मिलान में कुल 1,50,841 डुप्लीकेट मतदाता पाए गए हैं। यह संख्या कुल 10,61,051 मतदाताओं में से है। निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जिला निर्वाचन कार्यालय ने इन सभी मतदाताओं का भौतिक सत्यापन करने का अभियान शुरू कर दिया है। यह 29 अक्तूबर तक चलेगा।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने सत्यापन के लिए सभी ब्लॉकों के खंड विकास अधिकारियों को नोडल नियुक्त किया है। बीएलओ और सुपरवाइजर अब लगातार घर-घर जाकर मतदाता सूची का पुनरीक्षण कर रहे हैं। प्रत्येक घर में कर्मचारियों की टीम पहुंचकर परिवार के सभी सदस्यों के नामों और पहचान का मिलान कर रही है।
अभियान 19 अगस्त से शुरू होकर 29 सितंबर तक चलेगा। अब मतदाता सूची में किसी भी व्यक्ति का केवल एक ही वोट रहेगा। इन मतदाताओं की अलग सूची बनाकर संबंधित ब्लॉकों के बीएलओ और सुपरवाइजर के पास भेजी गई है। सत्यापन टीम घर-घर जाकर परिवार के प्रत्येक सदस्य के नाम, पिता का नाम और आयु की पुष्टि कर रही है। कई मामलों में ऐसे मतदाता पाए गए हैं जिनके नाम और पिता का नाम एक जैसे हैं। ऐसे में टीम भौतिक सत्यापन के दौरान तय करेगी कि दोनों अलग व्यक्ति हैं या नहीं।
निर्वाचन विभाग ने मतदाता सूची में परिवार के सभी सदस्यों के नाम क्रमबद्ध तरीके से दर्ज करने का निर्देश दिया है। यदि किसी अपात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में पाया जाता है, तो परिवार के मुखिया के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी। जालौन में वर्ष 2021 के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में 574 प्रधान, 25 जिला पंचायत सदस्य, 630 क्षेत्र पंचायत सदस्य और 6,939 ग्राम पंचायत सदस्य चुने गए थे।
उस समय 1,027 मतदान केंद्र और 845 बूथ बनाए गए थे। इस बार मतदाताओं की संख्या बढ़ने के साथ-साथ उनकी सुविधा और पारदर्शिता पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विपक्षी दलों ने डुप्लीकेट वोटरों की इतनी बड़ी संख्या पर चिंता जताई है और इसे चुनावी प्रक्रिया में गंभीर कमी बताया है। इससे पहले भी जिले में दो वोटर ऐसे छापे थे, जिनके दो जिले में वोट थे, जिससे मतदाता पर्चियों से जुड़ी अनियमितताओं का खुलासा किया था।
साभार : अमर उजाला

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