Jalaun : डेढ़ घंटे की बारिश में सड़कें जलमग्न, 50 दुकानों में भरा पानी

उरई। फिर वहीं डेढ़ घंटे भर की बारिश और सड़कों और 50 दुकानों में पानी भर गया। सबसे ज्यादा नुकसान घंटाघर और आसपास के दुकानदारों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं, पालिका के अफसरों की दुकानदारों से अतिक्रमण हटाने को लेकर नोकझोंक हुई।

शुक्रवार की दोपहर करीब साढ़े 12 बजे बारिश शुरू हुई और डेढ़ बजे बंद हो गई। महज डेढ़ घंटे की बारिश में घंटाघर बाजार के पास करीब 50 दुकानों में पानी भर गया। इससे सामान भीगने से नुकसान हुआ। चार से पांच घंटे तक दुकानदार सफाई और कीचड़ निकालने में परेशान रहे।

बारिश के बाद मौके पर सिटी मजिस्ट्रेट राजेश कुमार वर्मा और ईओ राम अचल कुरील पहुंचे। उन्होंने जलभराव का कारण अस्थायी अतिक्रमण बताया और बिना समाधान के चले गए। इस दौरान दुकानदार सौरभ ने ईओ से कहा कि आगे पक्का अतिक्रमण है, जिससे पानी का निकास नहीं हो पा रहा। इस पर ईओ ने जवाब दिया कि यह कोई समस्या नहीं, वह अतिक्रमण नहीं हटेगा।

इसी बात पर दुकानदार और ईओ के बीच नोकझोंक हो गई। अधिकारियों के जाने के बाद भी समस्या जस की तस बनी रही। करीब दो घंटे तक दुकानदार सफाई और जलभराव से जूझते रहे। 50 दुकानों में कपड़े, कॉपियां, किताबें, साड़ियां, पनीर, दूध और मंदिर के आसपास भी जलभराव हुआ। पानी कीचड़ युक्त होने से दुर्गंध फैल गई, जिससे दुकानदारों की परेशानी और बढ़ गई। दुकानदारों का कहना है कि अब तक बारिश से उन्हें 10 से 15 लाख रुपये का नुकसान हो चुका है।

जगह-जगह जलभराव

मुख्य बाजार ही नहीं, बल्कि सब्जी मंडी, शहीद भगत सिंह चौराहा, जिला अस्पताल के सामने, आबकारी विभाग, वी-मार्ट के सामने, आंबेडकर चौराहा, शिवपुरी, कब्रिस्तान के पास, सुशील नगर और उमरारखेरा में भी जलभराव की समस्या रही। शिवपुरी में तो बारिश बंद होने के आधा घंटे बाद भी पानी भरा रहा। वहीं, आंबेडकर चौराहा के दोनों तरफ सड़कों के आसपास पानी जमा हो गया, जिससे पालिका की व्यवस्थाओं की पोल खुल गई।

साभार : अमर उजाला



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