सागर में एक हफ्ते से बारिश पर ब्रेक लगा था, लेकिन सोमवार से फिर बारिश शुरू हो गई. जिले के कुछ क्षेत्रों में दो से तीन इंच तक बारिश रिकार्ड की गई. नदियां भी उफान पर आ गईं. जानें अगले तीन दिन का अपडेट...
सागर में सोमवार को बंडा गढ़ाकोटा रहली और केसली ब्लॉक में 1 इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई है. 18 सितंबर तक ऐसे ही मौसम रहने का अनुमान है, जहां रोजाना दोपहर के बाद बारिश देखने को मिल सकती है. सोमवार को भी गरज चमक के साथ बारिश हुई थी.
बारिश होने की वजह से रहली की सुनार नदी का छोटा पुल के ऊपर से पानी बह रहा है. बहरोल पुल के ऊपर से पानी होने की वजह से रास्ता बंद हो गया है. इधर बंडा और बंदरी मार्ग धसान नदी में भी जल स्तर बढ़ाने की वजह से रास्ता बंद हो गया है.
सागर में अब तक 1124 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है, जबकि यहां कुल बारिश का कोटा 1230 mm है. सितंबर के महीने में कोटा पूरा करने के लिए 4 इंच बारिश की और जरूरत है.
दिन का अधिकतम तापमान 33.5 डिग्री था, जो सोमवार को 1.6 डिग्री की गिरावट के साथ 31.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं रात के तापमान में पिछले 24 घंटों में उछाल देखने को मिला है. रात का तापमान 22.6 डिग्री से बढ़कर 23.8 डिग्री पर पहुंच गया है.
मानसून के अलविदा करने का समय आ चुका है. लेकिन, इस बार सागर की गागर पूरी तरह नहीं भर पाई है. अब भी औसत बारिश का कोटा पूरा करने के लिए शहर में 10 इंच बारिश की जरूरत है. शहर में इस सीजन में अब तक हुई कुल बारिश का आंकड़ा 961.4 मिमी पर पहुंच गया है.
लेकिन, सही मायने में बारिश के अलविदा कहने का समय आ गया है. खेतों में लगी हुई कांस के फूल झूम कर आ गए हैं, और यह बारिश के विदा होने के संकेत देते हैं.
गोस्वामी तुलसीदास जी महाराज ने श्रीरामचरितमानस में इस फूल के बारे में लिखा है कि “फूले कास सकल महि छाई, जनु वर्षा कृत प्रकट बुढ़ाई”. इसका मतलब, शरद ऋतु के आगमन से पहले चारों तरफ कांस के फूल का खिलना यह बताता है कि बरसात का मौसम अब बुजुर्ग हो गया है.
साभार : न्यूज़ 18

0 टिप्पणियाँ