ललितपुर। आगामी रबी सीजन में खेतों तक सिंचाई का पानी सुचारू रूप से पहुंचे, इसके लिए सिंचाई विभाग ने पूरी तैयारी शुरू कर दी है। नहरों में जमी सिल्ट की सफाई और झाड़ियों की कटाई का काम तेज़ी से चल रहा है। विभाग का लक्ष्य इस सीजन में एक लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचित करना है।
किसानों की उम्मीदें नहरों पर टिकीं
ललितपुर के ग्रामीण इलाकों में अधिकांश किसान खेती पर निर्भर हैं। खरीफ सीजन के बाद अब किसान रबी की बुवाई की तैयारी में जुट गए हैं। इस दौरान सिंचाई के लिए नहरों और बांध परियोजनाओं पर किसानों की पूरी निर्भरता रहती है। जिले में कुल 1242 किलोमीटर लंबी नहरों का जाल फैला हुआ है, जो विभिन्न बांधों और जाखलौन पंप कैनाल से निकलती हैं।
नहर सफाई कार्यों का निरीक्षण जारी
रविवार को सिंचाई खंड के अधिकारियों ने सजनाम बांध से निकली नहरों की सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया। बताया गया कि समय रहते सभी नहरों को दुरुस्त कर दिया जाएगा ताकि रबी की फसलों की बुवाई के समय किसानों को पानी की कोई दिक्कत न हो।
जाखलौन पंप कैनाल से 30 हजार हेक्टेयर भूमि को पानी
राजघाट बांध के पास बेतवा नदी पर बना जाखलौन पंप कैनाल जिले के प्रमुख सिंचाई स्रोतों में से एक है। मुख्य नहरों के अलावा छोटे रजवाहे और कुलाबे भी किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने में मदद कर रहे हैं, जिससे हजारों हेक्टेयर भूमि पर फसलें लहलहाने की उम्मीद है।
सिंचाई विभाग का लक्ष्य — हर खेत तक पानी
सिंचाई विभाग का कहना है कि इस बार का लक्ष्य “टेल तक पानी पहुंचाना” है। विभाग ने इसके लिए नहरों की सफाई, गेटों की मरम्मत और रोस्टर निर्धारण की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि रबी फसलों के लिए पर्याप्त सिंचाई सुनिश्चित की जा सके।

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