ला नीना की दस्तक से बढ़ेगी सर्दी, दिसंबर में भीग सकता है बुंदेलखंड

झांसी और आसपास के इलाकों में इन दिनों मौसम लगातार करवटें बदल रहा है। कभी हल्की ठंडक तो कभी दिन में हल्की गर्माहट, लेकिन अब यह बदलाव लंबे समय तक नहीं रहने वाला। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि दिसंबर की शुरुआत के साथ ही ला नीना का असर तेज होने वाला है, जो क्षेत्र में कड़ाके की सर्दी लेकर आएगा। इस मौसम पैटर्न के सक्रिय होते ही रात का तापमान काफी नीचे जा सकता है और सुबह-शाम की ठिठुरन साफ महसूस होगी। दिनों की गर्माहट भी कम हो जाएगी, जिससे चारों ओर सर्दी का अहसास और गहरा जाएगा।

आसमान से बरस सकती है राहत या बढ़ सकती है मुश्किल

ला नीना के असर के कारण दिसंबर में बारिश की संभावना भी जताई जा रही है। यह बारिश कभी-कभार राहत भी दे सकती है, लेकिन लगातार होने पर ठंड और बढ़ सकती है। हल्की बारिश से खेत-खलिहानों में नमी बढ़ेगी, हालांकि ठिठुरन भी उसी तेजी से चढ़ सकती है। बारिश के दौरान हवा में नमी बढ़ने से लोगों को सुबह धुंध का भी सामना करना पड़ सकता है। इससे दृश्यता प्रभावित होने की संभावना रहती है। ऐसे में सुबह निकलने वालों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत होगी।

ला नीना क्या करेगा असर?

ला नीना समुद्रों में बनने वाला एक प्राकृतिक पैटर्न है, जो हवा और तापमान को प्रभावित करता है। इसके असर से कई इलाकों में ठंड अचानक तेज हो जाती है। बुंदेलखंड में भी इसी कारण दिसंबर के दूसरे हिस्से में सर्द हवाएं चलने की संभावना है। दिन के समय धूप हल्की हो सकती है और शाम ढलते ही ठंड सीने से चिपकने लगेगी। रातों में पाले जैसा असर महसूस हो सकता है। इस दौरान घरों और बाजारों में गर्म कपड़ों, हीटर और त्योहारों के मौसम की तैयारी का माहौल और बढ़ जाएगा।

लोगों को क्या बरतनी चाहिए सावधानी

जैसे-जैसे मौसम ठंडा होगा, लोगों को स्वास्थ्य को लेकर अधिक सतर्क रहने की जरूरत होगी। सुबह-शाम बाहर निकलते समय शरीर को ढककर चलने की सलाह दी जा रही है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से ठंड से बचाने की जरूरत होगी। 

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