महोबा जिले में अब गांवों की पहचान बदलने की तैयारी शुरू हो गई है। मनरेगा के तहत जिले की कई ग्राम पंचायतों में सुंदर और सुसज्जित पार्क बनाए जाने की योजना पर काम शुरू हो गया है। इन पार्कों को शहर की तर्ज पर विकसित किया जाएगा, ताकि गांवों में खुला और साफ-सुथरा मनोरंजन व सामुदायिक स्थान उपलब्ध कराया जा सके। इसके लिए संबंधित विभाग ने कार्ययोजना भी तैयार कर ली है और अब अगले चरण की कार्रवाई तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है।
प्रथम चरण में कई गांव होंगे शामिल
जिले के चार ब्लॉकों में फैली कई ग्राम पंचायतों को इस योजना में शामिल किया गया है। शुरुआत में नौ पंचायतों का चयन किया गया है, जहां मॉडल पार्क बनेंगे। इन पार्कों को इस तरह विकसित किया जाएगा कि ग्रामीणों को बैठने, घूमने और हरियाली का आनंद लेने की पूरी सुविधा मिले। बच्चों के खेलने और बुजुर्गों के समय बिताने के लिए यह पार्क बड़ी सौगात साबित होंगे।
ग्राम पंचायतों से रिपोर्ट मांगी गई है, ताकि निर्माण कार्य निर्धारित समय में शुरू कराया जा सके। प्रशासन चाहता है कि यह पहल जल्द गांवों में धरातल पर दिखने लगे और ग्रामीणों को बेहतरीन सुविधाएं मिलें।
शहरी अंदाज में सजेंगे ग्रामीण पार्क
इन पार्कों में पौधरोपण, साफ-सफाई और सौंदर्यीकरण पर खास ध्यान दिया जाएगा। साथ ही बैठने, टहलने और सामुदायिक कार्यक्रमों के लिए जगह भी बनाई जाएगी। ग्रामीण इलाकों में इस प्रकार की सुविधा पहले कम देखने को मिलती थी, ऐसे में यह पहल गांवों के विकास में नया अध्याय जोड़ने जा रही है।
ग्रामीणों में बढ़ी उम्मीद
योजना को लेकर ग्रामीणों में उत्साह नजर आ रहा है। लोगों का कहना है कि इससे गांवों की तस्वीर बदलेगी, बच्चों को घूमने और खेलने की जगह मिलेगी और लोगों के लिए भी सार्वजनिक स्थान उपलब्ध होंगे। यह कदम गांवों में बेहतर जीवनशैली की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
विकास की ओर बड़ा कदम
महोबा जिले में मनरेगा के तहत शुरू की गई यह पहल ग्रामीण विकास और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। उम्मीद है कि इन मॉडल पार्कों के बनने से गांवों की सूरत निखरेगी और ग्रामीण जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा।

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