मनरेगा की जगह नया कानून, संसद में दस्तक को तैयार ‘VB-G RAM G Bill’

ग्रामीण भारत में रोजगार व्यवस्था को नए सिरे से गढ़ने की तैयारी शुरू हो गई है। केंद्र सरकार अब मनरेगा की जगह एक नया कानून लाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। इसके लिए संसद में जल्द ही एक नया बिल पेश किया जा सकता है। इस प्रस्तावित कानून का मकसद गांवों में रोजगार और आजीविका को एक नए ढांचे में मजबूत करना बताया जा रहा है।

सरकार की ओर से इस नए विधेयक का मसौदा लोकसभा सदस्यों को बांटा गया है। इससे साफ संकेत मिलते हैं कि ग्रामीण रोजगार नीति में बड़ा बदलाव आने वाला है। यह नया कानून ग्रामीण विकास को व्यापक नजरिए से आगे बढ़ाने की कोशिश करेगा।

नए मिशन का नाम और मकसद

प्रस्तावित कानून का नाम ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ रखा गया है। इसे संक्षेप में ‘G Ram G’ कहा जा रहा है। इस मिशन का उद्देश्य सिर्फ रोजगार देना नहीं, बल्कि गांवों में आजीविका के स्थायी साधन तैयार करना भी है। इसके तहत गांवों की जरूरतों के अनुसार काम तय किए जाने का प्रावधान होगा।

ग्रामीण परिवारों को रोजगार की गारंटी

नए कानून में हर ग्रामीण परिवार को हर साल लंबे समय तक मजदूरी पर आधारित रोजगार देने की गारंटी का प्रस्ताव है। खास तौर पर उन परिवारों को इसका लाभ मिलेगा, जिनके युवा सदस्य शारीरिक श्रम करने के लिए तैयार होंगे। माना जा रहा है कि इससे गांवों में पलायन पर भी असर पड़ सकता है।

समय पर भुगतान पर जोर

इस विधेयक में काम पूरा होने के बाद तय समय के भीतर मजदूरी का भुगतान करने का प्रावधान रखा गया है। अगर भुगतान में देरी होती है, तो बेरोजगारी भत्ता देने की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। इसका उद्देश्य मजदूरों को आर्थिक सुरक्षा देना और भरोसा बनाए रखना है।

ग्रामीण विकास की नई दिशा

कुल मिलाकर, यह नया कानून ग्रामीण रोजगार व्यवस्था को नई दिशा देने की कोशिश माना जा रहा है। अगर यह विधेयक संसद से पास होता है, तो गांवों में रोजगार, आजीविका और विकास का तरीका बदल सकता है। अब सभी की नजरें संसद में होने वाली चर्चा पर टिकी हैं, जहां इस प्रस्ताव पर आगे का रास्ता तय होगा।

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