मध्य प्रदेश की महिला क्रिकेट को एक और गौरवशाली उपलब्धि मिली है। ग्वालियर की 22 वर्षीय ऑलराउंडर अनुष्का शर्मा ने भारतीय महिला टी-20 टीम में अपनी जगह पक्की कर ली है। उन्हें दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाली पांच मैचों की टी-20 सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है। यह अनुष्का का सीनियर टीम में पहला चयन है, और इसके साथ ही वह मध्य प्रदेश की दूसरी खिलाड़ी बन गई हैं, जो टीम में जगह बनाने में सफल रही हैं। उनके साथ प्रदेश की एक अन्य होनहार खिलाड़ी क्रांति गौड़ भी टीम में शामिल हैं।
अनुष्का की यह उपलब्धि कड़ी मेहनत, लगन और परिवार के अटूट समर्थन की कहानी है। उनके क्रिकेट सफर की शुरुआत ग्वालियर के एक साधारण से मकान की छत पर हुई थी। उनके बड़े भाई आयुष शर्मा ने ही सबसे पहले उनमें क्रिकेट के प्रति रुचि देखी। घर की छत पर दोनों भाई-बहन साथ में खेलना शुरू करते थे, और यहीं से अनुष्का के सपनों को उड़ान मिली। धीरे-धीरे उन्होंने स्कूल स्तर, फिर डिवीजन स्तर पर खेलना शुरू किया और जल्द ही अंडर-19 क्रिकेट में अपनी पहचान बना ली। वह तीन साल तक अंडर-19 टीम की कप्तान भी रहीं। इस दौरान उनकी नेतृत्व क्षमता और खेल के प्रति समर्पण ने सभी को प्रभावित किया।
हालांकि, उनके करियर का एक सपना अधूरा रह गया। कोविड-19 महामारी के कारण पहला अंडर-19 विश्व कप स्थगित कर दिया गया था, और अनुष्का उस टूर्नामेंट का हिस्सा नहीं बन पाईं। लेकिन इस झटके ने उनके जज्बे को और मजबूत कर दिया। उन्होंने घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन जारी रखा और सीनियर टीम में जगह बनाने के अपने लक्ष्य पर डटी रहीं।
अनुष्का को असली पहचान महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) में गुजरात जायंट्स से मिली। इस सीजन में उन्हें 45 लाख रुपये में खरीदा गया था। डब्ल्यूपीएल में उन्होंने बल्ले और गेंद दोनों से शानदार प्रदर्शन किया। उनकी ऑलराउंड क्षमता ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। वह ग्वालियर की पहली ऐसी खिलाड़ी बनीं, जिन्होंने डब्ल्यूपीएल में जगह बनाई। इसके अलावा, उन्होंने इंडिया ए टीम के लिए भी खेलते हुए अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। एशिया कप में भी उनका प्रदर्शन काफी सराहनीय रहा। घरेलू क्रिकेट, डब्ल्यूपीएल और इंडिया ए में लगातार शानदार प्रदर्शन ने ही चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा और उन्हें सीनियर टीम में जगह दिलाई।
अनुष्का की इस सफलता में उनके परिवार का योगदान बेहद अहम रहा है। उनकी मां नीलम शर्मा और भाई आयुष शर्मा ने शुरू से ही उनका साथ दिया। आयुष ने न केवल उनकी प्रतिभा को पहचाना, बल्कि हर कदम पर उन्हें प्रोत्साहित भी किया। अनुष्का के पिता ने बताया कि वह शुरू से ही आत्म-प्रेरित और फोकस्ड रही हैं। उनके चयन के बाद परिवार में खुशी का माहौल है और अनुष्का पूरी जिम्मेदारी के साथ टीम इंडिया के लिए खेलने को तैयार हैं।
मंगलवार को अनुष्का जब ग्वालियर हवाई अड्डे पर पहुंचीं, तो उनका भव्य स्वागत किया गया। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खुद हवाई अड्डे पर पहुंचकर उन्हें सम्मानित किया। इस मौके पर सीएम ने कहा कि अनुष्का की उपलब्धि से पूरे प्रदेश को गर्व है। उनके चयन से ग्वालियर और पूरे मध्य प्रदेश में जश्न का माहौल है। उनके दोस्तों, परिवारजनों और साथी खिलाड़ियों ने इस उपलब्धि पर खुशी व्यक्त की।
ग्वालियर के लिए ऐतिहासिक पल
अनुष्का का यह चयन ग्वालियर शहर के लिए ऐतिहासिक है। वह शहर की पहली ऐसी महिला क्रिकेटर हैं, जिन्होंने सीनियर भारतीय टीम में जगह बनाई है। डब्ल्यूपीएल में खेलने वाली वह ग्वालियर की पहली खिलाड़ी थीं, और अब टीम इंडिया में जगह बनाकर उन्होंने एक नया इतिहास रच दिया है। उनकी सफलता ने शहर की युवा खिलाड़ियों, खासकर लड़कियों के लिए एक मिसाल कायम की है कि अगर सपने देखे जाएं और उनके लिए लगातार मेहनत की जाए, तो मंजिल हासिल की जा सकती है।
टीम इंडिया में पहला मौका, उम्मीदों पर खरा उतरने का भरोसा
अनुष्का के लिए यह सीरीज अपनी क्षमता साबित करने का सुनहरा अवसर है। वह ऑलराउंडर हैं, जो टीम को बल्ले और गेंद दोनों से संतुलन प्रदान कर सकती हैं। उनकी बल्लेबाजी में दम है और गेंदबाजी में विविधता है। चयनकर्ताओं ने उनके ऑलराउंड कौशल को देखते हुए उन पर भरोसा जताया है। अब उनके सामने इस मौके को भुनाने और टीम में अपनी जगह पक्की करने की चुनौती है।
अनुष्का के पिता ने कहा कि चयन के बाद वह बेहद खुश हैं और टीम की ओर से मिलने वाली किसी भी जिम्मेदारी को पूरा करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उनकी मां नीलम शर्मा ने भी खुशी जताते हुए कहा कि यह उनकी मेहनत का फल है और वह आगे भी इसी तरह प्रदर्शन करती रहेंगी।
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ यह सीरीज अनुष्का के करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हो सकती है। अगर वह इस मौके पर अपनी छाप छोड़ने में सफल रहती हैं, तो आने वाले समय में वह भारतीय टीम की नियमित सदस्य बन सकती हैं। उनकी सफलता मध्य प्रदेश की महिला क्रिकेट के लिए भी एक नई दिशा तय करेगी और प्रदेश में खेल को बढ़ावा मिलेगा।
ग्वालियर की इस बेटी ने साबित कर दिया है कि छोटे शहरों में भी बड़े सपने पनपते हैं और उन्हें पूरा करने के लिए जुनून और मेहनत ही सबसे बड़ी पूंजी होती है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अनुष्का टीम इंडिया की जर्सी में अपने पहले मौके पर कैसा प्रदर्शन करती हैं।


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