अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर उत्तर मध्य रेलवे ने महिलाओं की क्षमता और योगदान को सम्मान देने के लिए एक विशेष पहल की। इस मौके पर झांसी से ग्वालियर तक चलने वाली बुंदेलखंड एक्सप्रेस को “वुमेन स्पेशल” के रूप में संचालित किया गया, जिसमें ट्रेन की पूरी जिम्मेदारी महिला कर्मचारियों ने संभाली।
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| Bundelkhand Express on Women's Day |
प्रयागराज से ग्वालियर जाने वाली बुंदेलखंड एक्सप्रेस (11108) जब झांसी स्टेशन पहुंची, तब यहां से ग्वालियर तक के संचालन के लिए पूरी महिला क्रू को तैनात किया गया। ट्रेन के इंजन की कमान लोको पायलट दीप्ति के हाथों में रही, जबकि उनकी सहयोगी के रूप में असिस्टेंट लोको पायलट कौशल्या देवी मौजूद रहीं। वहीं ट्रेन की सुरक्षा और संचालन की जिम्मेदारी ट्रेन मैनेजर (गार्ड) अंजलि परमार ने संभाली। इसके अलावा टिकट जांच से जुड़ी जिम्मेदारियां भी महिला टीटीई ने निभाईं।
महिला क्रू ने पूरे आत्मविश्वास और दक्षता के साथ ट्रेन का संचालन किया। झांसी से ग्वालियर के बीच करीब 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन को चलाते हुए उन्होंने अपनी क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया। खास बात यह रही कि महिला टीम ने बुंदेलखंड एक्सप्रेस को तय समय से पहले ही गंतव्य तक पहुंचाकर समय पालन की मिसाल पेश की।
ट्रेन का निर्धारित आगमन समय सुबह 8 बजकर 15 मिनट था, लेकिन महिला क्रू ने इसे 8 बजकर 02 मिनट पर ही ग्वालियर स्टेशन पहुंचा दिया, यानी ट्रेन 13 मिनट पहले ही पहुंच गई। झांसी से ट्रेन के रवाना होने के दौरान महिला कर्मचारियों में खासा उत्साह दिखाई दिया और सभी ने एक-दूसरे का हौसला बढ़ाया।
उत्तर मध्य रेलवे के मंडल जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं की भागीदारी और उनकी कार्यक्षमता को सम्मान देने के उद्देश्य से यह पहल की गई। इस पहल के जरिए यह संदेश दिया गया कि महिलाएं हर क्षेत्र में पूरी दक्षता के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभा रही हैं।

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