नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का सपना हुआ साकार —
PM मोदी ने किया एशिया के भावी सबसे बड़े एयरपोर्ट के फेज-1 का उद्घाटन
नई दिल्ली/नोएडा, 28 मार्च 2026 — उत्तर प्रदेश के जेवर में बना नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट आज देश को समर्पित। 2040 तक यह बनेगा एशिया का सबसे बड़ा हवाई अड्डा।
Asia Largest by 2040
Annual Passenger Capacity
Phase-1 Cost
13.35 sq km
Total Runways Planned
Entry to Gate
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार सुबह करीब 12 बजे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। पीएम मोदी ने एयरपोर्ट टर्मिनल का निरीक्षण किया, मॉडल देखा और अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने जनसभा को संबोधित किया। यह एयरपोर्ट न सिर्फ दिल्ली-एनसीआर को राहत देगा, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास की तस्वीर भी बदल देगा।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जिसे जेवर एयरपोर्ट के नाम से भी जाना जाता है, दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI) के बाद एनसीआर का दूसरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है। यह IGI एयरपोर्ट से करीब 72 किलोमीटर दूर है। IGI पहले ही अपनी क्षमता से अधिक यात्री दबाव झेल रहा है — नोएडा एयरपोर्ट बनने से इस दबाव को कम करने में मदद मिलेगी।
पहले चरण में 3300 एकड़ (लगभग 13.35 वर्ग किमी) में टर्मिनल और रनवे बनाया गया है। एक रनवे (3900 मीटर लंबा) के साथ इस टर्मिनल की सालाना क्षमता 3 करोड़ यात्री संभालने की होगी। इसकी लागत करीब 11,000 करोड़ रुपये है। रनवे पर ILS CAT-3 सिस्टम लगाया गया है जिससे महज 50 मीटर की विजिबिलिटी में भी विमान उतर सकते हैं। एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार मई 2026 से घरेलू उड़ानें और लगभग 3 महीने बाद अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू होंगी।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट कुल 52 वर्ग किलोमीटर में बनना प्रस्तावित है। सभी 4 फेज का काम पूरा होने के बाद यह एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा। अभी एशिया में चीन का बीजिंग डेक्सिंग इंटरनेशनल एयरपोर्ट सबसे बड़ा है जिसका एरिया 47 वर्ग किमी है। 5 (और संभवतः 6) रनवे के साथ यह दुनिया का छठा सबसे बड़ा एयरपोर्ट भी बनेगा।
एयरपोर्ट की सबसे बड़ी खूबी यह है कि एंट्री के बाद सिर्फ 20 मिनट में बोर्डिंग संभव है। सुरक्षा जांच के बाद करीब 60 मीटर का कॉरिडोर पार करना होगा। DigiYatra App के जरिए Face Scan से पेपरलेस एंट्री मिलती है जिससे 20-30 मिनट की बचत होती है। 10 ऑटोमेटिक Self Baggage Drop मशीनें लगाई गई हैं जो 30 सेकंड में बैग जमा करती हैं और मैनुअल काउंटर से 4 गुना तेज हैं। अभी तीन एयरलाइंस — IndiGo, Air India Express और Akasa Air से करार हुआ है।
टर्मिनल में दाखिल होते ही वाराणसी और हरिद्वार के घाट जैसा आर्किटेक्चर दिखता है। सीढ़ियों का डिजाइन गंगा घाटों से लिया गया है। छत डोम के आकार की है जिससे सूरज की प्राकृतिक रोशनी छनकर आती है। टर्मिनल में पद्मश्री परेश मैती द्वारा डिजाइन की गई 'Temple of Bells' कलाकृति है। यात्रियों के लिए Peace Zone, Baby Care Room, तीन Prayer Rooms, शॉपिंग शोरूम और फूड स्टॉल भी हैं।
Runway Length
10 Aerobridge + 2 Remote
Security Check Gates
Drop Machines
2 मिनट रिस्पॉन्स
घने कोहरे में Landing
Time Per Passenger
Distance from IGI
"दिल्ली देश की धड़कन मानी जाती है। आज जेवर एयरपोर्ट के रूप में दूसरी धड़कन मिली है।"
"एशिया का सबसे बड़ा हवाई अड्डा आज लोकार्पित हो रहा है। यह विकसित भारत के सपने को साकार करेगा।"
"हवाई जहाज पर हवाई चप्पल पहनने वाला भी बैठ सके — ऐसा देश हमें बनाना है।"
"इस जमीन पर कभी गोलियां चलती थीं, वहां आज यह सपना साकार हो रहा है।"

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