क्या है अजय पार बाबा का कनेक्शन बागेश्वर धाम से? छतरपुर में बिना पर्ची भविष्य बताने वाला नया बाबा वायरल


 

मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित बागेश्वर धाम और पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की ख्याति के बाद अब बुंदेलखंड में एक और दरबार सुर्खियों में है। छतरपुर जिले के ही एक गांव में ‘अजय पार बाबा’ नाम से नया दरबार शुरू हुआ है, जहां हर दिन सैकड़ों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। खास बात यह है कि अजय पार बाबा खुद को केवल 9वीं पास बताते हैं, लेकिन उनके दरबार में आने वाले लोगों का दावा है कि बाबा बिना पूछे ही उनकी समस्या और नाम-पता बता देते हैं।


कैसे शुरू हुआ दरबार?


स्थानीय लोगों के अनुसार अजय पार बाबा पहले सामान्य जीवन जीते थे। गांव वालों का कहना है कि करीब 6 महीने पहले अचानक उनके अंदर ‘दिव्य शक्ति’ का संचार हुआ। इसके बाद उन्होंने गांव के बाहर एक पीपल के पेड़ के नीचे बैठकर लोगों की समस्याएं सुननी शुरू कीं। धीरे-धीरे चमत्कार की चर्चाएं फैलीं और अब हर मंगलवार-शनिवार को यहां 2 से 3 हजार लोगों की भीड़ जुटती है।


क्या है ‘चमत्कार’ का दावा?


दरबार में पहुंचे श्रद्धालुओं का कहना है कि अजय पार बाबा पर्ची पर पहले से ही समस्या लिखकर रखते हैं। भक्त के सामने आते ही बाबा उसका नाम, गांव और परेशानी बता देते हैं। झांसी से आईं राधा देवी ने बताया, “मैं पहली बार आई थी। बाबा ने देखते ही कहा – बेटी, तेरे पति की नौकरी का मामला अटका है, 21 दिन में हल हो जाएगा।” कुछ लोगों ने यह भी दावा किया कि बाबा के बताए उपाय से उनकी वर्षों पुरानी बीमारी ठीक हो गई।


बागेश्वर धाम से तुलना


बुंदेलखंड में बागेश्वर धाम सरकार धीरेंद्र शास्त्री के दरबार के बाद अजय पार बाबा का दरबार दूसरा बड़ा केंद्र बनता दिख रहा है। सोशल मीडिया पर लोग दोनों की तुलना कर रहे हैं। हालांकि अजय पार बाबा खुद को बागेश्वर धाम का ‘शिष्य’ नहीं बताते। एक वायरल वीडियो में उन्होंने कहा, “हम तो हनुमान जी के सेवक हैं। जो कृपा बालाजी की है, वही सबकी है। किसी से तुलना मत करो।”


9वीं पास बाबा, पर ज्ञान की चर्चा


अजय पार बाबा की शिक्षा को लेकर भी चर्चा है। गांव के सरपंच रामकिशोर पटेल ने बताया कि बाबा ने सिर्फ 9वीं तक पढ़ाई की है। इसके बाद वे मजदूरी करते थे। लेकिन अब उनके प्रवचन में रामायण, गीता और हनुमान चालीसा की चौपाइयों का उल्लेख सुनकर लोग हैरान हैं। बाबा कहते हैं, “पढ़ाई नहीं, प्रभु की पढ़ाई चाहिए। हनुमान जी जिस पर कृपा कर दें, उसे सब ज्ञान मिल जाता है।”


प्रशासन की नजर


अचानक बढ़ रही भीड़ को देखते हुए छतरपुर जिला प्रशासन भी सतर्क है। एसडीएम प्रियांक मिश्रा ने कहा कि “अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है। भीड़ नियंत्रण के लिए पुलिस टीम तैनात की गई है। यदि कोई अंधविश्वास या ठगी की बात सामने आती है तो जांच की जाएगी।”


श्रद्धालुओं की आस्था


फिलहाल बुंदेलखंड में बागेश्वर धाम के बाद अजय पार बाबा का दरबार आस्था का नया केंद्र बन गया है। टीकमगढ़, पन्ना, सागर और यूपी के ललितपुर-झांसी से भी लोग यहां पहुंच रहे हैं। दरबार में कोई शुल्क नहीं लिया जाता, सिर्फ हनुमान चालीसा का पाठ कराया जाता है।


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