नारी शक्ति वंदन अधिनियम को विपक्ष ने रोका, लेकिन लड़ाई यहीं नहीं रुकेगी” – भाजपा प्रदेश मंत्री अर्चना गुड्डू सिंह




बुंदेलखंड में रोजगार, पानी, सड़कों पर चर्चा; जल जीवन मिशन में लटकी परियोजनाओं का वादा


भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश मंत्री एवं पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अर्चना गुड्डू सिंह ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण विधेयक) के लोकसभा में पारित न होने पर विपक्ष पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की चाल के कारण यह बिल रुका, लेकिन महिलाएं अब समझ चुकी हैं कि उनके विरोधी क्या सोचते हैं। “यह लड़ाई यहीं नहीं रुकने वाली है। हम इसे जीतकर रहेंगे,” उन्होंने कहा।


बुंदेलखंड 24×7 के कार्यक्रम में शिवांगी तिवारी के साथ बातचीत में श्रीमती सिंह ने कहा कि जहाँ महिलाएं काम करती हैं, वहाँ सकारात्मकता आती है। उन्होंने नगरीय निकायों में 50% आरक्षण का उदाहरण देते हुए कहा कि महिला जनप्रतिनिधियों ने अपने घर की तरह ही क्षेत्र को सजाया है।



विधेयक न पास होने पर क्या बोलीं?


अर्चना गुड्डू सिंह ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम विधानसभा और लोकसभा में महिलाओं को 33% आरक्षण देने का मार्ग प्रशस्त कर रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि “विपक्षी दल प्रधानमंत्री मोदी की हर बात काटने में लगे रहते हैं, चाहे उसमें भलाई हो या बुराई।”


उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं के अपमान को वे कभी नहीं भूलतीं, इसलिए आने वाले समय में यह विधेयक ज़रूर पारित होगा। विपक्ष के इस तर्क को कि वे दो अन्य अधिनियमों के कारण बिल का विरोध कर रहे थे, श्रीमती सिंह ने निराधार बताते हुए कहा, “यह पूरा मामला कनेक्टिविटी का था, नारी शक्ति वंदन अधिनियम ही मुख्य था।”


बुंदेलखंड के विकास पर सवाल – पानी, सड़क, नल जल योजना

पत्रकार शिवांगी तिवारी ने बुंदेलखंड के कई गांवों की समस्याएँ उठाईं। उन्होंने कहा कि छतरपुर जिले के बमीठा, खरई (बक्सवाहा क्षेत्र) में न तो नल जल योजना 2024 की समयसीमा तक पहुँची है और न ही सड़कें बन पाई हैं।


इस पर अर्चना सिंह ने माना कि कुछ क्षेत्रों में काम की गति धीमी हो सकती है। उन्होंने कहा, “मैं स्वयं इसकी पड़ताल करूंगी और गति तेज करने का प्रयास करूंगी।” उन्होंने अपने नगर पालिका अध्यक्ष के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि सांसद वीरेंद्र सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सहयोग से पानी की समस्या को काफी हद तक कम किया गया था।


ग्रामीण महिलाओं और युवाओं के लिए रोजगार की चुनौती

शिवांगी तिवारी ने बुंदेलखंड में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की गंभीर कमियों को उठाया। उन्होंने कहा कि युवा पलायन कर रहे हैं, और सरकारी स्कूलों की स्थिति खराब है।


जवाब में भाजपा प्रदेश मंत्री ने कहा कि आयुष्मान कार्ड से ग्रामीणों का इलाज सुलभ हुआ है और अब महिलाएँ समूहों (स्वयं सहायता समूह) से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। उन्होंने कहा, “हर किसी को नौकरी नहीं दे सकते, लेकिन समूहों के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने का काम सरकार ने किया है।”


उन्होंने हाल ही में खजुराहो में हुई कैबिनेट बैठक का हवाला देते हुए कहा कि बुंदेलखंड में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए कई प्रस्ताव पारित हुए हैं। मेडिकल कॉलेज बनने का भी जिक्र किया।


शिक्षा और स्वास्थ्य पर क्या बोलीं?


अर्चना सिंह ने कहा कि अब ग्रामीण बेटियाँ शिक्षा से वंचित नहीं हैं। सोशल मीडिया के कारण शिक्षकों में जवाबदेही बढ़ी है। उन्होंने दावा किया, “अब स्कूल खाली नहीं रहते, मैं स्वयं दोपहर 12 बजे किसी भी गाँव में पहुँच जाऊँ तो भरापूरा स्कूल मिलता है।”


हालाँकि उन्होंने माना कि कहीं-कहीं कमियाँ अब भी हैं, लेकिन वे सुधर रही हैं।


 “विकसित भारत 2047 के लिए सब जुटे”


कार्यक्रम के अंत में श्रीमती सिंह ने कहा कि विकसित भारत 2047 का लक्ष्य लेकर सरकार, प्रशासन और जनप्रतिनिधि मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “पिछला परिवेश बदल चुका है, और अब तस्वीर तेजी से बदल रही है। इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री को जाता है।”


बुंदेलखंड 24×7 की पत्रकार शिवांगी तिवारी ने दर्शकों से अपने सवाल कमेंट बॉक्स में पूछने की अपील की। कार्यक्रम का समापन “जय राम जी की” के साथ हुआ।

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