बुंदेलखंड विश्वकोश बनेगा —
Encyclopedia Britannica की तर्ज पर,
40 खंड · 250 विद्वान!
सागर की डॉ. सरोज गुप्ता की ऐतिहासिक पहल पर बुंदेलखंड विश्वकोश (Bundelkhand Vishwakosh) तैयार हो रहा है — एनसाइक्लोपीडिया ब्रिटानिका की तर्ज पर। 40 खंडों में यह विश्वकोश प्रकाशित होगा। 250 से अधिक विद्वान इसमें सहयोग कर रहे हैं। 60% काम पूरा। नवंबर-दिसंबर 2026 में पहले 5 खंड प्रकाशित होंगे। National Book Trust ने भी पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया है। यह भारत का पहला समग्र बुंदेलखंड विश्वकोश होगा।
विश्वकोश में
Ex-VC, Professor
अभी तक
शब्दकोश में
📐 विश्वकोश की संरचना — Encyclopedia Britannica की तर्ज पर
📚 बुंदेलखंड विश्वकोश — तीन स्तरीय संरचना
📖 पहले 5 खंड — नवंबर 2026 में प्रकाशित
250+ विद्वानों का योगदान — कौन हैं ये विद्वान?
Professor
Ex-Vice Chancellors
प्राध्यापक
🌍 विश्वकोश में कौन-कौन से विषय?
History
Culture
Literature
Agriculture
Tourism
Environment
Archaeology
Martial Arts
📅 इस विश्वकोश की यात्रा — 1935 से 2026 तक
💬 डॉ. सरोज गुप्ता के अपने शब्दों में
मैंने पुस्तकालय में पहली बार एनसाइक्लोपीडिया ब्रिटानिका देखा — 32 खंड — तो मैं हतप्रभ रह गई। यह हर 3 साल में अपडेट होता है। मेरी भी कोशिश है कि भारत का पहला समग्र बुंदेलखंड विश्वकोश तैयार हो जाए, फिर एक ऐसी टीम बनाएंगे जो हर 2-3 साल में इसे अपडेट करती रहे। दुनिया के हर कोने में बैठे व्यक्ति को बुंदेलखंड की संपूर्ण जानकारी मिल सके।
बुंदेलखंड कृषि, समाज, साहित्य, संस्कृति, पर्यटन, पर्यावरण, इतिहास, पुरातत्व और मार्शल आर्ट की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है। यह भारत का हृदय प्रदेश है। बुंदेली शब्दकोश तैयार होने के बाद मुझे लगा कि बुंदेलखंड विश्वकोश की जरूरत है। ओरछा नरेश और कृष्णानंद गुप्त का जो सपना था, वह जरूर पूरा होगा।
📖 बुंदेली शब्दकोश — नींव
50,000 बुंदेली शब्दों का यह शब्दकोश विश्वकोश की नींव है। मैथिली शरण गुप्त के मानद भाई मुंशी अजमेरी, कृष्णानंद गुप्त, मोहन गुप्त, दुर्गा प्रसाद समाधिया और कई विद्वानों का सहयोग। भाषा संस्थान, लखनऊ द्वारा 2016 में प्रकाशित। केंद्रीय शिक्षा संस्थान आगरा के त्रिभाषी लोक शब्दकोश में भी बुंदेली शामिल।
🤝 National Book Trust सहयोग
National Book Trust (NBT) ने बुंदेलखंड विश्वकोश के प्रकाशन में भरपूर सहयोग का आश्वासन दिया है। वीर भारत व्यास के डॉ. श्री राम तिवारी भी सहयोग दे रहे हैं। पहले खंड में भाषा और साहित्य होगा — बुंदेली व्याकरण, उपबोलियां और संपूर्ण भाषाई ढांचा।
📰 पूरी खबर: बुंदेलखंड विश्वकोश की पूरी कहानी
सागर, मध्य प्रदेश। बुंदेलखंड की समृद्ध सांस्कृतिक, ऐतिहासिक, साहित्यिक और सामाजिक धरोहर को संजोने के लिए एक ऐतिहासिक पहल शुरू की गई है। एनसाइक्लोपीडिया ब्रिटानिका (Encyclopedia Britannica) की तर्ज पर बुंदेलखंड विश्वकोश (Bundelkhand Vishwakosh) तैयार किया जा रहा है। यह विश्वकोश 40 खंडों में प्रकाशित होगा और इसमें क्षेत्र के 250 से अधिक विद्वान योगदान दे रहे हैं। इस वर्ष के अंत तक इसके पहले पांच खंड प्रकाशित करने का लक्ष्य रखा गया है।
🎓 डॉ. सरोज गुप्ता — इस महापरियोजना की नींव
इस महत्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत सागर की आर्ट एंड कॉमर्स कॉलेज की प्रिंसिपल और हिंदी की प्रसिद्ध विद्वान डॉ. सरोज गुप्ता ने की है। उनके नेतृत्व में फिलहाल विश्वकोश का लगभग 60 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। यह विश्वकोश न केवल बुंदेलखंड की पहचान को वैश्विक मंच पर स्थापित करेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए ज्ञान का एक अमूल्य स्रोत भी होगा।
👑 ओरछा नरेश से मिली प्रेरणा
डॉ. सरोज गुप्ता बताती हैं कि इस विश्वकोश को बनाने की प्रेरणा उन्हें ओरछा नरेश वीर सिंह जूदेव के अधूरे सपने से मिली। सन् 1940-41 में ओरछा नरेश ने डॉ. बनारसी दास चतुर्वेदी, कृष्णानंद गुप्त और अन्य वरिष्ठ विद्वानों के सहयोग से 'मधुकर' के अंकों के माध्यम से बुंदेलखंड विश्वकोश तैयार करने का प्रयास किया था, लेकिन वह प्रकाशित नहीं हो पाया। डॉ. गुप्ता ने उन अंकों को पढ़ा और महसूस किया कि बुंदेलखंड इतना समृद्ध है कि उसे एक समग्र विश्वकोश की आवश्यकता है।
📖 50,000 शब्दों का बुंदेली शब्दकोश — नींव
डॉ. सरोज गुप्ता ने बताया कि विश्वकोश की परियोजना शुरू करने से पहले उन्होंने बुंदेली भाषा का एक वृहद शब्दकोश तैयार किया — लगभग 50,000 शब्दों का संकलन। मैथिली शरण गुप्त के मानद भाई मुंशी अजमेरी, कृष्णानंद गुप्त, मोहन गुप्त, दुर्गा प्रसाद समाधिया का सहयोग लिया गया। यह शब्दकोश भाषा संस्थान, लखनऊ द्वारा 2016 में प्रकाशित किया गया।
📐 40 खंडों की तीन-स्तरीय संरचना
डॉ. गुप्ता ने बताया कि यह विश्वकोश 40 खंडों में प्रकाशित किया जाएगा। इसकी निर्माण प्रक्रिया एनसाइक्लोपीडिया ब्रिटानिका की तर्ज पर होगी। सबसे पहले परिचयात्मक ज्ञान खंड होगा, फिर संक्षिप्त ज्ञान खंड और उसके बाद विस्तृत ज्ञान खंड। पहले खंड में बुंदेली भाषा और साहित्य होगा — उपबोलियां, व्याकरण, क्रियाएं, संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण सब शामिल।
🔄 हर 2-3 साल में होगा Update — विश्व तक पहुंचेगी बुंदेलखंड की जानकारी
इस विश्वकोश की सबसे अनूठी विशेषता यह है कि इसे एनसाइक्लोपीडिया ब्रिटानिका की तर्ज पर समय-समय पर अपडेट किया जाएगा। डॉ. गुप्ता ने कहा — "एक बार बुंदेलखंड विश्वकोश तैयार हो जाए, फिर एक ऐसी टीम बनाएंगे जो हर 2 से 3 साल में इसे अपडेट करती रहे। इससे दुनिया के कोने-कोने में बैठे व्यक्ति को बुंदेलखंड की जानकारी मिल सकेगी।" उनकी यही कोशिश है कि बुंदेली व्यंजन, रीति-रिवाज, सांस्कृतिक धरोहरें, परंपराएं — सारी चीजें इस विश्वकोश में समाहित हों।
डॉ. सरोज गुप्ता के नेतृत्व में तैयार हो रहा बुंदेलखंड विश्वकोश क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि होगी। National Book Trust जैसी संस्थाओं का सहयोग इस परियोजना की गंभीरता और व्यापकता को दर्शाता है। यह विश्वकोश न केवल बुंदेलखंड की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को उनकी जड़ों से जोड़ने का काम भी करेगा।
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