प्रवासी मजदूरों को बड़ी राहत:
अब बिना एड्रेस प्रूफ के मिलेगा
5 किलो का LPG सिलेंडर,
सरकार ने दोगुना किया कोटा
बिना एड्रेस प्रूफ
दोगुना किया
23 मार्च से अब तक
में कटौती
जब्त किए
- एड्रेस प्रूफ खत्म: 5 KG FTL LPG सिलेंडर के लिए स्थायी पते का प्रमाण अब अनिवार्य नहीं। केवल एक फोटो ID (आधार/वोटर ID/पैन) पर्याप्त।
- कोई सिक्योरिटी मनी नहीं: कोई सुरक्षा राशि जमा नहीं करनी होगी। कोई लंबी कागजी कार्रवाई नहीं।
- दैनिक कोटा दोगुना: पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के मद्देनजर राज्यों को अतिरिक्त आपूर्ति।
- कमर्शियल में 30% कटौती: होटल, रेस्तरां, ढाबों को कम गैस — घरेलू और जरूरी संस्थानों को प्राथमिकता।
- कालाबाजारी पर सख्ती: 50,000+ सिलेंडर जब्त, 1,400+ डिस्ट्रीब्यूटर्स को नोटिस, 36 एजेंसियां सस्पेंड।
- लाभार्थी: प्रवासी मजदूर, दिहाड़ी मजदूर, किराएदार छात्र और अन्य जिनके पास स्थायी पता नहीं।
जब्त किए गए
कारण बताओ नोटिस
लाइसेंस निलंबित
बिना एड्रेस प्रूफ के तुरंत मिलेगा गैस सिलेंडर
नए नियमों के तहत 5 KG FTL LPG सिलेंडर खरीदने के लिए एड्रेस प्रूफ की अनिवार्यता पूरी तरह समाप्त कर दी गई है। ग्राहक अब किसी भी अधिकृत डिस्ट्रीब्यूटर या पेट्रोल पंप पर जाकर केवल एक फोटो पहचान पत्र (आधार कार्ड, वोटर आईडी या पैन कार्ड) दिखाकर तुरंत सिलेंडर प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए न कोई लंबी कागजी कार्रवाई होगी और न ही सुरक्षा राशि जमा करनी होगी।
दैनिक कोटा दोगुना — क्यों लिया यह फैसला?
पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को देखते हुए सरकार ने 5 KG FTL सिलेंडरों का दैनिक कोटा दोगुना करने का निर्णय लिया है। अब राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अतिरिक्त सप्लाई दी जाएगी, ताकि शहरों में रहने वाले कामगारों को खाना बनाने के लिए ईंधन की कमी न हो। 23 मार्च से अब तक 6.6 लाख छोटे सिलेंडरों की बिक्री हो चुकी है।
घरेलू उपभोग प्राथमिकता — कमर्शियल में 30% कटौती
सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं और अस्पताल, स्कूल, आंगनवाड़ी केंद्र जैसे जरूरी संस्थानों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि घरों में चूल्हा जलता रहे, सरकार ने कमर्शियल गैस की आपूर्ति में 30 प्रतिशत की कटौती की है। होटल, रेस्तरां, ढाबे और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को अब कम गैस मिलेगी। यह कदम अस्थायी है और केवल तब तक लागू रहेगा जब तक अंतरराष्ट्रीय स्थिति सामान्य नहीं हो जाती।
प्रवासी मजदूरों की पुरानी मुश्किल — अब होगा समाधान
अक्सर यह देखा गया है कि प्रवासी मजदूर जो अपने गृह राज्यों से दूर दूसरे शहरों में काम करते हैं, उन्हें रसोई गैस प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। एड्रेस प्रूफ न होने के कारण वे न नया कनेक्शन ले पाते थे और न ही नियमित रूप से सिलेंडर प्राप्त कर पाते थे। इसके चलते उन्हें अक्सर महंगे और असुरक्षित ईंधन (कोयला, लकड़ी, केरोसिन) का सहारा लेना पड़ता था। अब यह बाधा हट जाएगी — वे सुरक्षित और स्वच्छ ईंधन का उपयोग कर सकेंगे।

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