बलिनी मिल्क कंपनी ने रचा इतिहास
बुंदेलखंड के 7 जिलों की 96,142 महिलाएं दूध उत्पादन से बन रही हैं आत्मनिर्भर — 25,051 महिलाओं ने हासिल किया 'लखपति दीदी' का गौरव
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की पहल पर बुंदेलखंड में शुरू हुई बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड ने महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में एक अद्वितीय मिसाल कायम की है। इस कंपनी से जुड़ी बुंदेलखंड के सात जिलों की 25,051 से अधिक महिलाओं ने अपनी आमदनी बढ़ाकर 'लखपति दीदी' का गौरव हासिल किया है। वर्तमान में कंपनी से जुड़ी कुल महिलाओं की संख्या 96,142 है, जो दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना रही हैं।
बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड का गठन वर्ष 2019 में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) के वित्तीय सहयोग से किया गया था। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस कंपनी का उद्घाटन किया था। तब से लेकर अब तक यह कंपनी बुंदेलखंड की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की प्रेरणा बन चुकी है। इस कंपनी की सफलता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इसकी तारीफ कर चुके हैं।
बलिनी मिल्क कंपनी के सीईओ डॉ. ओ.पी. सिंह ने बताया कि बुंदेलखंड के सातों जिलों की 1,410 गांवों की 96,142 महिलाएं इस कंपनी से जुड़कर दुग्ध उत्पादन का कार्य कर रही हैं। इनमें से 25,051 महिलाओं ने अपनी आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि करते हुए 'लखपति दीदी' का दर्जा प्राप्त किया है। यह सफलता बुंदेलखंड की महिलाओं के आत्मविश्वास और मेहनत का परिणाम है।
बुंदेलखंड क्षेत्र ऐतिहासिक व सांस्कृतिक दृष्टि से समृद्ध होने के बावजूद आर्थिक विकास की दृष्टि से पिछड़ा हुआ माना जाता था। यहाँ जल संकट, बेरोजगारी और पलायन जैसी समस्याएँ पुरानी हैं। ऐसे में बलिनी मिल्क कंपनी ने महिलाओं को रोजगार का एक स्थायी साधन प्रदान किया है। कंपनी से जुड़ी महिलाएं अब आत्मनिर्भर हैं और अपने परिवारों के भरण-पोषण में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और रहन-सहन के स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
जिला-वार 'लखपति दीदी' आंकड़े
बलिनी मिल्क कंपनी से जुड़ी महिलाओं का जिले-अनुसार विवरण — कुल 25,051 लखपति दीदी
सफलता की कहानी
आरती राजपूत — एक साधारण महिला की असाधारण यात्रा
आरती राजपूत
🏅 लखपति दीदी | कंपनी अध्यक्ष, झांसीबलिनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड की अध्यक्षता झांसी की रहने वाली आरती राजपूत निभा रही हैं। वे स्वयं भी 'लखपति दीदी' की सूची में शामिल हो चुकी हैं। एक साधारण ग्रामीण महिला से कंपनी की अध्यक्ष बनने तक का उनका सफर बुंदेलखंड की महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। आरती राजपूत ने न केवल अपनी पहचान बनाई, बल्कि सैकड़ों अन्य महिलाओं को भी आगे बढ़ने का मार्ग दिखाया है।
मुख्य तथ्य
बलिनी मिल्क कंपनी की उपलब्धियां एक नजर में
"यह सफलता बुंदेलखंड की महिलाओं के आत्मविश्वास और मेहनत का परिणाम है। बुंदेलखंड की बेटियों ने साबित किया है कि अगर सही अवसर और मार्गदर्शन मिले, तो वे किसी भी क्षेत्र में सफलता की नई ऊंचाइयां छू सकती हैं।"
