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610 अधेड़ों से दूसरी शादी का झांसा देकर ठगे ₹35 लाख — सरकारी अफसर भी बने शिकार, फर्जी मैरिज ब्यूरो का भंडाफोड़
झांसी के सरयू विहार में शगुन मैरिज ब्यूरो की आड़ में कॉल सेंटर · AI से बनी फोटो · UPI से ठगी · मास्टरमाइंड सतीश-नीतू प्रजापति फरार
झांसी के मसीहागंज की पॉश कॉलोनी सरयू विहार में शगुन मैरिज ब्यूरो की आड़ में ठगी का एक बड़ा धंधा चल रहा था। एएसपी अरीबा नौमान की अगुवाई में पुलिस टीम ने मंगलवार को राजेंद्र प्रसाद गुप्ता के घर में चल रहे गिरोह का भंडाफोड़ किया। छापेमारी से पहले ही दोनों मास्टरमाइंड सतीश एवं नीतू प्रजापति फरार हो गए। वहां से 17 युवतियां, 29 रजिस्टर, 30 मोबाइल और 4 कंप्यूटर सिस्टम बरामद हुए।
ठगी का पूरा खेल — कैसे फंसाते थे शिकार?
छापे में क्या-क्या मिला?
(3 में ठगी रिकॉर्ड)
बरामद
फोटो एल्बम
हिरासत में
रजिस्टर में
ठगी के लिए
आरोपी — कौन है कौन?
पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। जालसाजों ने पांच हजार रुपये महीने वेतन पर युवतियों को नौकरी पर रखा था। उनका काम शादी के इच्छुक लोगों से सिर्फ बात करना था। यहां से बरामद 29 रजिस्टर के सहारे जांच आगे बढ़ रही है।
GST में पंजीकृत था धंधा — कागजों में सब कानूनी
इस गिरोह की सबसे बड़ी चालाकी यह थी कि शगुन मैरिज ब्यूरो का GST पंजीकरण और श्रम एवं उद्योग विभाग में पंजीकरण हिना कौसर के नाम से कराया गया था। ट्रेड प्रमोशन भी उन्हीं के नाम। बाकायदा कागजों में यह धंधा चलता था ताकि किसी को शक न हो। UPI के माध्यम से रकम वसूली जाती थी — दो अलग-अलग UPI खातों से लेनदेन होता था।
रजिस्टरों में झांसी, ललितपुर, कानपुर, हमीरपुर सहित दूसरे राज्यों के लोगों के नाम और मोबाइल नंबर दर्ज थे। खास बात यह कि कई सरकारी कर्मचारी और अफसरों के नाम भी इन रजिस्टरों में मिले। पुलिस अभी मानव तस्करी के कोण की भी जांच कर रही है।
- अनजान मैरिज ब्यूरो के फोन कॉल पर कभी भरोसा न करें
- किसी भी संस्था का GST नंबर, पता और पंजीकरण पहले वेरिफाई करें
- बिना मिले या जांचे UPI या नेट बैंकिंग से पैसे न भेजें
- AI से बनी फोटो असली नहीं होती — पहचानें, सतर्क रहें
- ठगी हो जाए तो तुरंत नजदीकी थाने या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें
