झांसी में 'शादी का झांसा' देकर 35 लाख की ठगी: 610 अधेड़ बने शिकार, फर्जी मैरिज ब्यूरो का भंडाफोड़

झांसी फर्जी मैरिज ब्यूरो: 610 शिकार, 35 लाख ठगी | बुंदेलखंड 24x7

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झांसी में फर्जी मैरिज ब्यूरो का भंडाफोड़  •  610 अधेड़ों से 35 लाख की ठगी  •  मास्टरमाइंड सतीश-नीतू प्रजापति फरार  •  29 रजिस्टर, 30 मोबाइल, 4 कंप्यूटर बरामद  •  सरकारी अफसर भी शिकार  •  AI फोटो से फंसाते थे लोग
झांसी, उत्तर प्रदेश  |  24 अप्रैल 2026 अपराध / साइबर ठगी  |  बुंदेलखंड 24x7
क्राइम अलर्ट

610 अधेड़ों से दूसरी शादी का झांसा देकर ठगे ₹35 लाख — सरकारी अफसर भी बने शिकार, फर्जी मैरिज ब्यूरो का भंडाफोड़

झांसी के सरयू विहार में शगुन मैरिज ब्यूरो की आड़ में कॉल सेंटर · AI से बनी फोटो · UPI से ठगी · मास्टरमाइंड सतीश-नीतू प्रजापति फरार

🚨
पुलिस अलर्ट — जनता के लिए चेतावनी
अनजान मैरिज ब्यूरो के फोन पर भरोसा न करें। बिना जांचे UPI से पैसे न भेजें। संस्था का GST और पंजीकरण पहले वेरिफाई करें।
₹35L+
कुल ठगी
की रकम
610
शिकार बने
अधेड़ लोग
30K+
चोरी किया
डेटा रिकॉर्ड
45–55
शिकारों की
उम्र (वर्ष)

झांसी के मसीहागंज की पॉश कॉलोनी सरयू विहार में शगुन मैरिज ब्यूरो की आड़ में ठगी का एक बड़ा धंधा चल रहा था। एएसपी अरीबा नौमान की अगुवाई में पुलिस टीम ने मंगलवार को राजेंद्र प्रसाद गुप्ता के घर में चल रहे गिरोह का भंडाफोड़ किया। छापेमारी से पहले ही दोनों मास्टरमाइंड सतीश एवं नीतू प्रजापति फरार हो गए। वहां से 17 युवतियां, 29 रजिस्टर, 30 मोबाइल और 4 कंप्यूटर सिस्टम बरामद हुए।

ठगी का पूरा खेल — कैसे फंसाते थे शिकार?

1
डेटा चोरी — मैट्रिमोनियल साइट से टार्गेट
सतीश और नीतू प्रजापति मैट्रिमोनियल साइट और वैवाहिक विज्ञापनों से 45–55 साल के उन लोगों का डेटा चुराते थे जो किसी न किसी कारण से दूसरी शादी करना चाहते थे। 30,000 से अधिक लोगों का डेटा इकट्ठा किया गया था।
2
कॉल सेंटर — AI फोटो से लालच
₹5,000 महीने वेतन पर रखी गई युवतियां टार्गेट लोगों को फोन करती थीं। कंप्यूटर में AI से बनी आकर्षक तस्वीरों वाले एल्बम थे — इन्हीं फोटो से लोगों को शादी का सपना दिखाया जाता था।
3
UPI से वसूली — ₹499 से ₹30,000 तक
विश्वास जमाने के बाद पंजीकरण शुल्क, मिलाने की फीस आदि के नाम पर ₹499 से लेकर ₹30,000 तक UPI के माध्यम से वसूले जाते थे। दो अलग UPI खाते बनाए गए थे।
4
नंबर ब्लॉक — गायब हो जाते थे
पैसे मिलते ही शिकार का नंबर तुरंत ब्लॉक कर दिया जाता था। कुछ सरकारी कर्मचारियों ने नंबर ट्रेस कर ठिकाना खोजा और सीपी बाजार थाने पहुंचे — तब यह मामला सामने आया।

छापे में क्या-क्या मिला?

📒
29
रजिस्टर बरामद
(3 में ठगी रिकॉर्ड)
📱
30
मोबाइल फोन
बरामद
💻
4
कंप्यूटर + AI
फोटो एल्बम
👩
17
युवतियां
हिरासत में
📊
610
शिकारों के नाम
रजिस्टर में
🏦
2
UPI खाते
ठगी के लिए

आरोपी — कौन है कौन?

🧑
सतीश प्रजापति
मास्टरमाइंड
फरार
कंप्यूटर विशेषज्ञ · डेटा चुराता था · गिरोह का मुखिया · कॉल सेंटर संचालन
👩
नीतू प्रजापति
सह-मास्टरमाइंड
फरार
सतीश की साथी · डेटा संग्रह में भूमिका · कॉल सेंटर की सह-संचालिका
👩
हिना कौसर
मैनेजर / देखरेख
गिरफ्तार
GST, श्रम-उद्योग, ट्रेड प्रमोशन — सब इनके नाम · पूछताछ में राज उगले
👮
अरीबा नौमान
एएसपी, झांसी
जांच अधिकारी
छापेमारी की अगुवाई · 29 रजिस्टर से जांच · मानव तस्करी की भी जांच

पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। जालसाजों ने पांच हजार रुपये महीने वेतन पर युवतियों को नौकरी पर रखा था। उनका काम शादी के इच्छुक लोगों से सिर्फ बात करना था। यहां से बरामद 29 रजिस्टर के सहारे जांच आगे बढ़ रही है।

— अरीबा नौमान, एएसपी झांसी

GST में पंजीकृत था धंधा — कागजों में सब कानूनी

इस गिरोह की सबसे बड़ी चालाकी यह थी कि शगुन मैरिज ब्यूरो का GST पंजीकरण और श्रम एवं उद्योग विभाग में पंजीकरण हिना कौसर के नाम से कराया गया था। ट्रेड प्रमोशन भी उन्हीं के नाम। बाकायदा कागजों में यह धंधा चलता था ताकि किसी को शक न हो। UPI के माध्यम से रकम वसूली जाती थी — दो अलग-अलग UPI खातों से लेनदेन होता था।

रजिस्टरों में झांसी, ललितपुर, कानपुर, हमीरपुर सहित दूसरे राज्यों के लोगों के नाम और मोबाइल नंबर दर्ज थे। खास बात यह कि कई सरकारी कर्मचारी और अफसरों के नाम भी इन रजिस्टरों में मिले। पुलिस अभी मानव तस्करी के कोण की भी जांच कर रही है।

⚖️
जांच की स्थिति
मास्टरमाइंड सतीश-नीतू प्रजापति की तलाश जारी है। उनकी गिरफ्तारी के बाद नए राज सामने आने की उम्मीद। 29 रजिस्टर में दर्ज 610 शिकारों से पुलिस संपर्क कर रही है।
⚠️ पुलिस की जनता से अपील
  • अनजान मैरिज ब्यूरो के फोन कॉल पर कभी भरोसा न करें
  • किसी भी संस्था का GST नंबर, पता और पंजीकरण पहले वेरिफाई करें
  • बिना मिले या जांचे UPI या नेट बैंकिंग से पैसे न भेजें
  • AI से बनी फोटो असली नहीं होती — पहचानें, सतर्क रहें
  • ठगी हो जाए तो तुरंत नजदीकी थाने या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें
टैग्स
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