AKASA SINGH
का डोहेला महोत्सव में
महाधमाल!
अकासा की प्रस्तुति
शुरुआत (मकर संक्रांति)
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मकर संक्रांति पर
आयोजन
परंपरा
अकासा सिंह ने गीतों से बांधा समा
महोत्सव स्थल पर हजारों की संख्या में एकत्रित दर्शकों के बीच मंच पर पहुंचते ही अकासा सिंह ने अपने ऊर्जावान अंदाज से सबका दिल जीत लिया। उन्होंने अपनी प्रस्तुति की शुरुआत "बरेटा हाथों में पिस्तौल" और "ओ साकी साकी रे" से की, जिसने युवाओं में जबरदस्त उत्साह भर दिया।
असल मजा तब आया जब उन्होंने भक्तिमय गीत "हरे कृष्णा-हरे राम" और पंजाबी भांगड़ा धुनों पर अपनी आवाज का जलवा बिखेरा। पूरा हॉल भक्ति और मस्ती के रंग में डूब गया। अकासा ने "खींच मेरी फोटो" (सनम तेरी कसम), "ऐथे आ" (भारत) और "कुड़ी गुजरात दी" (स्वीटी वेड्स एनआरआई) जैसे हिट ट्रैक्स से दर्शकों को खड़े होकर थिरकने पर मजबूर किया। 'लव आज कल' का "दिल ना जानेया" ने श्रोताओं की तारीफें बटोरीं।
डोहेला महोत्सव — संस्कृति और विकास का संगम
मध्यप्रदेश के सागर जिले के खुरई शहर में आयोजित होने वाला डोहेला महोत्सव इस बार भी अपने चिरपरिचित उत्साह और रंगारंग कार्यक्रमों के साथ चर्चा में है। ऐतिहासिक डोहेला किले के प्रांगण में आयोजित होने वाले इस महोत्सव की शुरुआत 2015 में मकर संक्रांति के अवसर पर हुई थी।
स्थानीय लोगों के लिए यह महोत्सव केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि खुरई के गौरवशाली अतीत और विकासशील भविष्य का प्रतीक है। हर साल क्षेत्रीय कलाकारों को मंच देने के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों को भी आमंत्रित किया जाता है।
महोत्सव में स्थानीय हस्तशिल्प, व्यंजनों के स्टॉल और सांस्कृतिक प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र हैं। प्रशासन और आयोजन समिति ने दर्शकों की सुविधा के लिए बेहतर प्रबंध किए हैं।
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