MP कैबिनेट के ऐतिहासिक फैसले: 4 गुना मुआवजा, मुफ्त साइकिल, 33 हजार करोड़ की सौगात


मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के सर्वांगीण विकास से जुड़े कई ऐतिहासिक और जनकल्याणकारी निर्णय लिए गए। इन फैसलों में किसानों को चार गुना मुआवजा, दूरदराज के छात्रों को मुफ्त साइकिल, 33 हजार करोड़ रुपये के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रस्ताव, सिंचाई योजनाओं का विस्तार, स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और महिला सशक्तिकरण जैसे अहम मुद्दे शामिल हैं। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि विकास के केंद्र में किसान, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचा ही रहेंगे।


किसानों को बड़ी राहत: भूमि अधिग्रहण पर चार गुना मुआवजा


कैबिनेट ने भूमि अधिग्रहण को लेकर एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब सरकारी परियोजनाओं के लिए कृषि भूमि के अधिग्रहण पर किसानों को चार गुना मुआवजा दिया जाएगा। यह निर्णय किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लिया गया है। सरकार का मानना है कि इससे अधिग्रहण से जुड़े विवाद कम होंगे और विकास कार्यों में किसानों की सहभागिता बढ़ेगी। किसानों को उनकी जमीन का उचित मूल्य मिल सकेगा, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त होंगे।


इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगी नई गति: 33 हजार करोड़ के प्रस्ताव स्वीकृत


प्रदेश में विकास परियोजनाओं को गति देने के लिए कैबिनेट ने लगभग 33 हजार करोड़ रुपये के प्रस्तावों को मंजूरी दी है। इनमें सड़क, पुल और भवन निर्माण जैसे काम शामिल हैं। विशेष रूप से, लोक निर्माण विभाग को भवन निर्माण और मरम्मत के लिए 25 हजार करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि स्वीकृत की गई है। इससे राज्य में बुनियादी ढांचे का विकास तेज होगा और कनेक्टिविटी में सुधार होगा, जिससे व्यापार और उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा।


सिंचाई का विस्तार: 135 गांव होंगे लाभान्वित, छिंदवाड़ा को 128 करोड़ की अतिरिक्त सहायता


कृषि उत्पादन बढ़ाने के लक्ष्य के साथ कैबिनेट ने कई सिंचाई परियोजनाओं को हरी झंडी दी है। इंदौर क्षेत्र की एक प्रमुख योजना से 135 गांवों तक सिंचाई सुविधा पहुंचेगी, जबकि उज्जैन क्षेत्र की एक परियोजना से 35 गांवों और लगभग 10 हजार हेक्टेयर भूमि को लाभ मिलेगा। इससे किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सकेगा और फसल उत्पादन में वृद्धि होगी।


वहीं, विकास परियोजनाओं से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए छिंदवाड़ा जिले को 128 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता देने का भी निर्णय लिया गया है। इससे प्रभावित लोगों को समय पर उचित सुविधाएं मिल सकेंगी और उनके पुनर्वास की प्रक्रिया सुगम होगी।


शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम: कक्षा 6 वीं और 9वीं के छात्रों को मुफ्त साइकिल


सरकार ने शिक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाते हुए एक और महत्वपूर्ण फैसला लिया है। कक्षा 6वीं और 9वीं के विद्यार्थियों को अगले पांच वर्षों तक मुफ्त साइकिल देने का निर्णय लिया गया है। इस योजना पर लगभग 990 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह कदम विशेष रूप से दूर-दराज के क्षेत्रों के छात्रों के लिए बेहद लाभकारी होगा, क्योंकि इससे उन्हें स्कूल आने-जाने में आसानी होगी और ड्रॉपआउट दर कम होगी। इसके अलावा, शिक्षण संस्थानों और ट्रेनिंग सिस्टम को मजबूत करने के लिए 1200 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।


स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार: सीएम केयर योजना जारी, मरीजों के परिजनों के लिए शेल्टर होम


कैबिनेट ने स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुलभ बनाने के लिए कई अहम फैसले लिए हैं। सीएम केयर योजना 2026 को अगले पांच वर्षों के लिए जारी रखने की मंजूरी दी गई है, जिसके तहत 3600 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा, मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में मरीजों के परिजनों के लिए शेल्टर होम बनाए जाएंगे, जहां उन्हें सस्ती दर पर रहने और भोजन की सुविधा मिलेगी। सरकार ने अगले पांच वर्षों में मेडिकल कॉलेजों में कैथ लैब और ऑर्गन ट्रांसप्लांट जैसी उन्नत सुविधाएं विकसित करने के लिए लगभग 2 हजार करोड़ रुपये खर्च करने का भी निर्णय लिया है। इससे मरीजों को बड़े शहरों पर निर्भरता कम करनी पड़ेगी और उन्हें राज्य में ही आधुनिक इलाज मिल सकेगा।


महिला सशक्तिकरण और नर्मदा विकास पर भी फोकस


27 अप्रैल को 'नारी शक्ति वंदन' कार्यक्रम के तहत एक विशेष आयोजन किया जाएगा, जिसमें महिलाओं के योगदान और सशक्तिकरण पर चर्चा होगी। इसके साथ ही, अमरकंटक क्षेत्र में नर्मदा नदी के उद्गम स्थल और तटों के विकास व अतिक्रमण हटाने की योजना को भी आगे बढ़ाने का फैसला लिया गया है।


शिक्षा और जल संरक्षण में सुधार के सकारात्मक संकेत


बैठक में यह भी बताया गया कि प्रदेश में 10वीं का परिणाम 73 प्रतिशत और 12वीं का 76 प्रतिशत रहा है। वहीं, जल संरक्षण के मामले में मध्य प्रदेश देश में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। सरकार ने इसे सकारात्मक संकेत बताते हुए कहा कि आगे भी विकास के केंद्र में किसान, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचा ही रहेंगे।

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